कुशीनगर : यूपी की सीमा पर स्थित समउर और बिहार का भागीपट्टी पास-पास है। यहां से बिहार की राजधानी पटना जाना आसान है, लेकिन जिला मुख्यालय पडरौना पहुंचना कठिन है। जितने समय में पटना जाएंगे, उससे अधिक समय व ज्यादा किराया पडरौना जाने में लग जाता है।

यहां से प्रतिदिन सैकडों लोग एक दूसरे प्रांत की यात्रा करते हैं। समउर में बिहार के भागीपट्टी से रोजाना निश्चित समय पर गोपालगंज, सिवान व राजधानी पटना के लिए प्राइवेट बसें चलती हैं। यहां से पटना जाने में पांच घंटे का समय लगता है। यूपी में समउर से सीधी सड़क कस्बे से होकर जिला मुख्यालय पडरौना व पनियहवा होते हुए बिहार के बगहा को जोड़ती है। समउर से तमकुही और फाजिलनगर बाजार को जोड़ने के लिए अलग- अलग मार्ग है। यातायात के उचित साधन के अभाव में इन दोनों मार्गों पर डग्गामार व जुगाड़ वाहन से लोग यात्रा करते हैं। पडरौना जाने वाले मार्ग पर यदि निजी साधन नहीं है तो करीब छह किमी पटहेरिया हाईवे तक पैदल चलना पड़ता है। वहां से नोनिया पट्टी तक पुन: टेंपो या डग्गामार वाहन का सहारा लेना पड़ता है। वहां से करीब एक किमी पैदल चलने के बाद तुर्कपट्टी नहर पर पहुंचकर पडरौना के लिए बस मिलती है। समउर से पटना की दूरी करीब ढाई सौ किमी है, जबकि पडरौना की दूरी मात्र 40 किमी होने के बावजूद यहां जाने के लिए पटना जाने से अधिक का समय व किराया खर्च होता है। लगभग हर घंटे सिवान, छपरा व बिहार के अन्य प्रमुख बाजारों से गोरखपुर जाने के लिए बसें समउर कस्बा होकर गुजरती हैं। समउर से पटना जाना आसान है, लेकिन पडरौना जाना कठिन।

एडीएम देवी दयाल वर्मा ने कहा कि कुशीनगर आवागमन सुलभ कराने को लेकर परिवहन विभाग को पत्र भेजा जाएगा। यहां से जिला मुख्यालय समेत अन्य स्थानों के बसों की व्यवस्था कराई जाएगी।

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