सिद्धार्थनगर : लगातार हो रही बारिश की वजह से राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिसके चलते तेजी से कटान हो रही है। डुमरियागंज विकास खंड के दर्जनों गांव के लोग राप्ती के रौद्र रूप से खौफजदा हैं। एक गांव तो ऐसा है जहां के नागरिकों ने बचाव की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि राप्ती नदी गांव निगलने को आतुर है।

राप्ती के किनारे पर स्थित गांव की ओर नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। नदी पिकौरा, बीरपुर एहतेमाली, भरवठिया, बिथरीया, बीरपुर कोहल, चन्दनजोत, असनहरा माफी, नेहतुआ, राउतडीला आदि दर्जनों गांव की तरफ तेजी से काटने भी लगी है। पिछले वर्ष तटवर्ती गांव की तकरीबन 200 बीघे से अधिक जमीन नदी काटकर खुद में समाहित कर चुकी है। अब नदी का प्रकोप गांव पर पड़ने लगा है बाढ़ देखकर ग्रामीणों में डर का माहौल है, हर वर्ष प्रशासन से ठोकर बनवाने की मांग की जाती है, लेकिन सिचाई विभाग व प्रशासन ने यहां सुरक्षा संबंधित कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए हैं, गांव को पिछले वर्ष तहसील प्रशासन ने नाव की व्यवस्था करा दिया था लेकिन जब नदी में बहाव तेज रहता है तो नाव भी काम नहीं करती है। यहां के लोगों में डर बना हुआ है कि सैलाब ने असर दिखाया तो भारी तबाही से शायद ही कोई रोक पाए।

सुनिए सर

पिकौरा गांव के दक्षिण तरफ से राप्ती नदी बहती है। वह कटान कर गांव के घरों के समीप पहुंच चुकी है। राम प्रकाश, बसंत दूबे, विजय बहादुर, जगदीश, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, फूलचंद यादव, मींकू चौरसिया, संजय, नरदाहे घमालू, मिठाईलाल आदि ने गांव के कटान रोकने के लिए मदद की गुहार लगाई है।

एसडीएम त्रिभुवन ने कहा कि प्रशासन अलर्ट है। नाव की व्यवस्था प्रधान करवा रहे हैं। सिचाई विभाग को जलस्तर पर नजर रखने व जरूरी इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं।

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