गोरखपुर, जेएनएन। लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों ने महराजगंज जनपद के मुख्य विकास अधिकारी के चालक को कोरोनारोधी टीके की दूसरी डोज दूसरी कंपनी की लगा दी। चालक को पहले कोवैक्सीन लगाई गई थी, दूसरी डोज लगवाने आए तो उन्हें कोविशील्ड वैक्सीन लगा दी गई। जानकारी के बाद मची खलबली के बीच चालक को दो दिन निगरानी में रखा गया। सीएमओ ने उन्हें स्वस्थ बताया है। चालक को 30 दिन बाद कोवैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। टीकाकरण में लापरवाही बरतने पर पांच स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड ड्यूटी से हटाते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।

डोज देने के बाद चालक विशेष निगरानी में

मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के वाहन चालक उमेश, गनर चंदन कुशवाहा और अर्दली मदन 13 अप्रैल को कोरोनारोधी टीके की दूसरी डोज लगवाने गए थे। तीनों को पहली डोज में कोवैक्सीन लगी थी लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने उमेश को दूसरी डोज में कोविशील्ड वैक्सीन लगा दी। इसपर काफी हंगामा हुआ। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। चंदन और मदन उस समय बिना टीका लगवाए लौट आए। उन्हें मंगलवार की शाम को कौवैक्सीन की दूसरी डोज दी गई। वहीं चालक को विशेष निगरानी में लिया गया है।

30 दिन बाद दी जाएगी दूसरी डोज

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि सीडीओ के चालक दो दिन से निगरानी पर हैैं और पूरी तरह स्वस्थ हैैं। 30 दिन बाद उन्हें कोवैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। टीकाकरण में लापरवाही बरतने पर एएनएम साधना, पायल, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कृष्णा सहित पांच स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोविड ड्यूटी से हटा दिया गया है। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। क्षेत्रीय आयुविज्ञान अनुसंधान केंद्र गोरखपुर के निदेशक डा. रजनीकांत का कहना है कि पहली और दूसरी डोज में अलग-अलग कंपनी की वैक्सीन लग जाने के बारे में अभी तक कोई वैज्ञानिक अध्ययन सामने नहीं आया है। पहले ही सभी को सतर्क कर दिया गया था कि वैक्सीन की दोनों डोज एक ही कंपनी की लगेगी। वैक्सीन लगाने और लगवाने वाले एहतियात बरतें।