गोरखपुर, जागरण संवाददाता। Sub inspector recruitment exam 2021: दारोगा भर्ती परीक्षा में पकड़े गए आरोप‍ित संतोष यादव से एसटीएफ की पूछताछ उसने आकाश उर्फ अंकित को साढ़े पांच लाख रुपये दिए थे। यह रकम एसएससी की परीक्षा में बैठे दो अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए दी गई थी। संतोष यादव, ओम आनलाइन सेंटर, रुस्तमपुर में पार्टनर है, लेकिन यह साझेदारी उसने लिखापढ़ी में नहीं की है, क्योंकि वह खुद बिजली विभाग में तकनीशियन ग्रेड टू के पद पर गीडा के पारेषण केंद्र में तैनात है। आकाश ने बताया कि अभ्यर्थियों को बस अपनी लाग इन करके बैठना था, बाकी काम साल्वर कर देते।

एक दिन पूर्व ही संतोष पर हुआ था मुकदमा

गिरफ्तार आरोपित संतोष यादव पर एसटीएफ ने एक दिन पहले ही रामगढ़ताल थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। संतोष ने उप्र पुलिस की उपनिरीक्षक पद की परीक्षा में ओम आनलाइन सेंटर पर नित्यानंद गौड़, अश्वनी दुबे, रजनीश दीक्षित आदि के साथ मिलकर साल्वर बैठाए थे। इस मामले में एसटीएफ ने मंगलवार को अनुभव सिंह, सेनापति साहनी और नित्यानंद गौड़ को गिरफ्तार किया था।

मास्टमाइंड आकाश गीडा में है लेखपाल

पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार आरोपित आकाश उर्फ अंकित श्रीवास्तव गिरोह का मास्टर माइंड है, जो गीडा में लेखपाल के पद पर कार्यरत है। आकाश की मां के नाम पर अनिता आनलाइन सेंटर भी संचालित था, जो बाद में बंद हो गया। पिछले कई वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में धांधली कराता आ रहा है। कई सेंटर संचालक उसके संपर्क में हैं, जिनके जरिये उन्हें अभ्यर्थी मिलते थे। मौके से जो प्रवेश पत्र, अंक पत्र या मार्कशीट मिली है उनमें कई की सेटिंग वह करा चुका है।

सिपाही की परीक्षा के लिए सेंटिंग करने आया हरियाणा का नीरज

हरियाणा के पानीपत का नीरज लाकड़ा एसएससी की सिपाही भर्ती परीक्षा में सेटिंग करने के लिए गोरखपुर आया था। कमरे में गैस चूल्हे पर मिली राख के बारे में पूछताछ करने पर पता चला साक्ष्य छिपाने के लिए नीरज लाकड़ा का प्रवेश पत्र जला दिया गया। जो सीपीयू और मानीटर मिले हैं उसके जरिये स्क्रीन शेयर करके ऐप के जरिये सेंटर संचालक घर में बैठकर प्रश्न पत्र हल करने की तैयारी में थे।

इलाहाबाद में एकाउंटेंट है साल्वर अभिनाश

गिरफ्तार अभिनाश यादव ने बताया कि वह इलाहाबाद स्थित एजी आफिस में एकाउंटेंट के पद पर तैनात है। आकाश उर्फ अंकित ने उसे बतौर साल्वर बुलाया था। विनय यादव परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की तलाश करके गिरोह के लोगों से उनका संपर्क कराता था। इसके बदले उसे कमीशन मिलता था।

अनिता श्रीवास्तव के नाम से है लग्‍जरी वाहन

साल्वर गिरोह के कब्जे से यूपी-53 डीडी 1111 नंबर की फा'र्यूनर बरामद हुई, जिस पर नीली बत्ती लगी थी। संभागीय परिवहन विभाग के एप के मुताबिक यह गाड़ी अनिता श्रीवास्तव के नाम से 14 मार्च 2019 को पंजीकृत कराई गई है। इसके अलावा मौके से साढ़े पांच लाख रुपये नगद, 10 लैपटाप, 33 सीपीयू, 13 कम्प्यूटर मानीटर, 06 की-बोर्ड, 03 लैपटाप चार्जर, 02 माउस, 09 पावर कनेक्टर, 01 प्रिंटर, 06 मोबाइल, 05 मोहर, 10 आधार कार्ड, कई परीक्षाओं के प्रवेश पत्र, कई अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र, मार्कशीट, चेक व अन्य दस्तावेज तथा साक्ष्य मिटाने के लिए दस्तावेजों के जलाए गए राख बरामद हुए।

Edited By: Pradeep Srivastava