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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देवरिया से सरेआम हुआ व्यवसायी का अपहरण, 36 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली

By Navneet Prakash TripathiEdited By:
Published: Mon, 01 Nov 2021 06:28 PM (IST)Updated: Mon, 01 Nov 2021 08:26 PM (IST)

देवरिया जिले के मदनपुर क्षेत्र के कुसम्हा चौराहे से 31 अक्‍टूबर को दिनदहाड़े व्यवसायी के अपहरण के मामले में पुलिस ...और पढ़ें

अपहृत के गांव लवकनी वासू में लोगों से पूछताछ करती पुलिस। जागरण
अपहृत के गांव लवकनी वासू में लोगों से पूछताछ करती पुलिस। जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। देवरिया जिले के मदनपुर क्षेत्र के कुसम्हा चौराहे से 31 अक्‍टूबर को दिनदहाड़े व्यवसायी के अपहरण के मामले में पुलिस ने पांच अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। देर रात अपर पुलिस अधीक्षक व सीओ ने स्वजन से घटना की जानकारी ली। पर्दाफाश के लिए एसओजी को भी लगाया गया है। 36 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ है।

कुसम्‍हां चौराहे है व्‍यवसायी की पशु आहार की दुकान

बरहज के थानाक्षेत्र के ग्राम लबकनी वासु गांव के रहने वाले अरुण राय पुत्र हरिहर राय की मदनपुर थाना क्षेत्र के कुसम्हा चौराहे पर पशु आहार की दुकान है। 31 अक्‍टूबर को सुबह करीब 11 बजे स्कार्पियो सवार लोग अपने साथ लेकर चले गए। अपहृत की पत्नी सरिता की तहरीर पर पांच अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है।

सीसी टीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

एसओजी आसपास के चौराहों की दुकान पर लगे सीसीटीवी के साथ ही टोल प्लाजा के फुटेज से अपहर्ताओं का सुराग लगाने में जुटी है। हालांकि अभी तक अपहर्ताओं का कोई सुराग नहीं लग पाया है। घटना के बाद से स्वजन अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।

व्यवसायी पहले मुंबई में करते थे नौकरी

स्वजन के मुताबिक, अरुण के पिता हरिहर राय मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते थे। दोनो पुत्रों व पुत्री की पढ़ाई भी वहीं हुई। अरुण अपने छोटे भाई अजय के साथ नौकरी करते थे। दो-तीन वर्ष पूर्व वह नौकरी छोड़ कर मुंबई के नालासोपारा स्थित खान कंपाउंड स्थित चाल में कमरा खरीद कर उसमें दुकान खोल लिया। पिछले वर्ष लाकडाउन में घर आ गए। एक पखवारे पूर्व कुसम्हा चौराहे पर पशु आहार का व्यवसाय शुरू किया।

जमीन खरीद तो नहीं बनी घटना की वजह

युवक के अपहरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अपहृत के एक करीबी की माने तो एक वर्ष के अंदर कृषि भूमि व गोरखपुर में प्लाट लेने के बाद से ही लोगों की निगाह में आ गए थे। आशंका जताई जा रही है कि खेत और प्‍लाट खरीदने की वजह से बदमाशों ने उनका अपहरण किया है।

अपहृत के मोबाइल से बहन के पास आया फोन

पुलिस के मुताबिक एक नवंबर को सुबह अरुण के मोबाइल से उनकी बहन प्रियंका के पास काल आई। काल करने वाले ने खुद को पुलिस बताया और अरुण के साथ होने की बात कही। इसके बाद मोबाइल स्विच आफ हो गया। लोकेशन लखनऊ-आगरा हाइवे पर मिला है।

अपहर्ताओं की चल रही है तलाश

अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सोनकर ने बताया कि अपहरण के मामले में पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जल्द ही दोषी पकड़े जाएंगे।