गोरखपुर, जागरण संवाददाता। नाबालिग बेटी के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपित दिलशाद की हत्या में आरोपित पूर्व सैनिक को रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पूर्व सैनिक के चेहरे पर घटना को लेकर कोई शिकन नहीं थी। रात में पूछताछ करने पहुंचे अधिकारियों से वह पूछ रहा था कि मरने वाले दिलशाद ही है न कोई दूसरा तो नहीं। पुष्टि होने के बाद सकून से लाकअप में सोया। इस हत्‍याकांड की चर्चा पूरे शहर में हो रही है।

मुकदमे की पैरवी करने आया था गोरखपुर

मुजफ्फरपुर, सकरा के विधिपुर, भरवारी निवासी मोहम्मद ताहीर रात में 12 बजे रिश्तेदारों के साथ कैंट थाने पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा दिलशाद मुकदमे की पैरवी में गोरखपुर कचहरी आया था। पार्किंग के पास पूर्व सैनिक ने गोली मारकर हत्या कर दी। तहरीर के आधार पर कैंट पुलिस ने असलहे के साथ पकड़े गए आरोपित के खिलाफ हत्या व आम्र्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया। रात में पुलिस अधिकारी पूछताछ करने थाने पहुंचे ने आरोपित उनसे पूछने लगा कि साहब दिलशाद ही मरा है न। गलतफहमी में किसी दूसरे को तो गोली नहीं लग गई।

दिलशाद के मरने की पुष्टि होने पर उसने वारदात को अंजाम देने की वजह बताई। आरोपित ने कहा कि जमानत पर छूटने के बाद दिलशाद उनकी बेटी के पास फोन करके अपने पास आने का दबाव बना रहा था। बात न मानने पर उनके मोबाइल पर बेटी के साथ का आपत्तिजनक फोटो व वीडियो भेज रहा था। जिसकी वजह से पूरा परिवार परेशान हो गया था। प्रभारी निरीक्षक कैंट शशिभूषण राय ने बताया कि घटनास्थल पर एक जिंदा कारतूस, दो खोखा मिला। आरोपित के कब्जे से मिली लाइसेंसी पिस्टल की मैग्जीन में पांच गोली थी।दोपहर बाद उसे रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

यह है मामला

मुजफ्फरपुर का रहने वाला दिलशाद बड़हलगंज में पूर्व सैनिक के घर के सामने पंचर की दुकान चलाता था। 11 फरवरी को उसने पूर्व सैनिक की नाबालिग की बेटी का अपहरण कर लिया। मुकदमा दर्ज कर बड़हलगंज पुलिस ने 26 फरवरी को उसे हैदराबाद में गिरफ्तार कर लिया। पीडि़त के बयान के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट की धारा बढ़ाने के बाद दिलशाद को जेल भेज दिया।एक माह पहले जमानत पर छूटने के बाद शुक्रवार को वह मुजफ्फरपुर से कचहरी में पेशी पर आया था। जहां पार्किंग के पास पूर्व सैनिक ने गोली मारकर हत्या कर दी।

Edited By: Pradeep Srivastava