गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दारोगा भर्ती की आनलाइन लिखित परीक्षा के फूल प्रूफ होने का अधिकारी दावा कर रहे हैं लेकेिन साल्वर गैंग ने व्यवस्था में सेंध लगाकर चुनौती बढ़ा दी है।पिछले 10 दिन में धांधली के पांच मामले सामने आ चुके हैं।अधिकांश मामले में सेंटर संचालक की मिलीभगत सामने आई है।शाहपुर, गोरखनाथ व रामगढ़ताल थाने में एफआइआर दर्ज हुई है।

सवालों के घेरे में परीक्षा संचालित करने वाली संस्‍थाएं

आनलाइन परीक्षा संचालित कराने वाली संस्थाओं की भूमिका को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हुए हैं।पहले भी कई बार संचालकों के धांधली में शामिल होने का प्रमाण मिला है।प्रभावी कार्रवाई न हाेने से हर बार वह व्यवस्था में सेंध लगाकर नौजवानों के हक पर डाका डाल रहे हैं।दो दिसंबर तक 18 केंद्रों पर चलने वाली परीक्षा में 2.72 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।

45877 अभ्यर्थी छोड़ चुके हैं परीक्षा

दारोगा भर्ती की आनलाइन परीक्षा 12 नवंबर से 18 केंद्रों पर चल रही है।15 दिन में 45877 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे हैं।परीक्षा शुरु होने से पहले एडीजी के साथ ही डीआइजी व एसएसपी ने परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर सुरक्षा-व्यवस्था की जानकारी ली थी।किसी भी केंद्र पर गड़बड़ी न होने पाए इसके लिए सीओ को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है।जांच के लिए हर केंद्र पर एक इंस्पेक्टर,चार दारोगा व 10 सिपाही की ड्यूटी लग रही है।

दारोगा भर्ती में कब ओर कहा पकड़ी गई गड़बड़ी

15 नवंबर 2021 : रामगढ़ताल थाने में फर्जी तरीके से परीक्षा देने वाले दो अभ्यर्थियों पर केस दर्ज हुआ।

21 नवंबर 2021 : गोरखनाथ क्षेत्र में नकल करने वाली डिवाइस के साथ युवक पकड़ा गया।

23 नवंबर 2021 : रामगढ़ताल क्षेत्र में परीक्षा कराने वाली संस्था के कर्मचारी समेत तीन लोग पकड़े गए।

24 नवंबर 2021 : एसटीएफ ने शाहपुर क्षेत्र में लेखपाल समेत पांच साल्वर को गिरफ्तार किया।

साल्वर को पकड़कर पूरा कर लेते हैं कोरम

प्रतियोगी परीक्षा में धांधली करने वाले गैंग का नेटवर्क पूरे देश में सक्रिय है। हर बार रुपये लेकर अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने व दिलाने वाले गिरोह के सदस्यों को पकड़कर पुलिस की कार्रवाई पूरी हो जाती है। आनलाइन सेंटर संचालकों पर प्रभावी कार्रवाई न होने से यह रैकेट हर परीक्षा में सक्रिय हो जाता है।

हाल के दिनाें में पकड़े गए साल्वर

25 अगस्त 2021: कैंट पुलिस ने पीईटी में शामिल साल्वर सहित दो युवकों को गिरफ्तार किया।उनके पास से फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।

01 फरवरी 2021: एसटीएफ ने साल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया। प्रयागराज से सरगना प्रशांत सिंह, धर्मेंद्र सिंह, शिवपूजन पटेल, मुनेश कुमार, आदित्य शाही, पूजा देवी और गोरखपुर से यतेंद्र कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था।

28 नवंबर 2020 : गोरखपुर एसटीएफ ने पैडलेगंज में दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह के 12 सदस्याें को गिरफ्तार किया।उनके कब्जे से फोन, डायरी, प्रवेश पत्र बरामद हुए।इन सभी के खिलाफ एसटीएफ ने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

13 अगस्त 2019: स्वास्तिक आनलाइन प्रकाश कांपलेक्स पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा नवलेश कुमार पकड़ा गया। बिहार के गया जिला निवासी नवलेश ने परीक्षा पास कराने के लिए रविशंकर नाम के युवक से 50 हजार लिए थे।

06 अगस्त 2019: पिपराइच के के जंगल धूसड़ में ई टेक्निकल सेंटर पर एसएससी की आनलाइन परीक्षा में बिहार,जहानाबाद के बलजीत कुमार सिंह, नालंदा के सुबोध कुमार, थल्लू बिहार के राजेश कुमार और नालंदा के राहुल कुमार को क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा था।

31 अक्टूबर 2018: रेलवे की ग्रुप डी की परीक्षा में स्वास्तिक सेंटर से बिहार के जहानाबाद निवासी साल्ॅवर दिनेश कुमार और नालंदा के राजीव कुमार पकड़े गए।

14 सितंबर 2018: नौसढ़ के स्वास्तिक सेंटर से यूपीपीसीएल की परीक्षा में बस्ती के अलमास, गोरखपुर के दिलीप कुमार और छपरा के रोशन कुमार और मुजफ्फरपुर राजीव यादव पकड़े गए थे।

साल्‍वर गैंग के सदस्‍यों को किया जा रहा है सूचीबद्ध

एसएसपी डा. विपिन ताडा ने ने बताया कि आनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह के सभी सदस्यों को सूचीबद्ध कराया जा रहा है।सबके के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई होगी।साक्ष्य के आधार पर परीक्षा में धांधली कराने वाले सेंटर संचालक भी कार्रवाई होगी।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi