गोरखपुर, जेएनएन। 'मिट्टी, पानी, धूप, हवा, सब रोगों की यही दवा' व 'कच्‍चा खाओ, रोग भगाओ' जैसे प्रकृति से जुड़े नारों से आरोग्य मंदिर गुंजायमान रहा। बड़ी संख्या में लोग सर्वांग मिट्टी लेप कराकर मंच के पास बैठे सन बाथ लेते हुए नारे लगाते रहे। साथ ही भारत माता व भारत वीरों का भी जयघोष गूंज रहा था।

माहौल उत्सव व उमंग से परिपूर्ण था। हर तरफ उल्लास नजर आ रहा था। वजह थी, अब सर्वांग मिट्टी लेप का एशियन रिकॉर्ड गोरखपुर के नाम होने जा रहा था। योगाचार्य डॉ.पियूष पाणि पांडेय ने 412 लोगों के मिट्टी लेप लगा लेने की घोषणा की तो माहौल जयघोष से गूंज उठा। यह तय हो गया था कि रिकॉर्ड अब गोरखपुर के नाम हो चुका है। अंतिम घोषणा से पूर्व तक 508 लोगों ने सर्वांग मिट्टी लेप करा लिया था।

कार्यक्रम में छात्रों, गण्यमान्य नागरिकों, महिलाओं, ब'चों व आरपीएफ जवानों ने शामिल होकर प्रकृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में डॉ.ऋचा मोदी, डॉ.कुमुद आदि का सक्रिय सहयोग रहा।

ड्रोन कैमरे से हुई निगरानी

नया रिकॉर्ड बनाने के लिए जब लोग आरोग्य मंदिर के पार्क में मिट्टी लेप करा रहे थे तो ड्रोन कैमरे से निगरानी हो रही थी। एशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड के डायरेक्टर डॉ.विश्वरूप राय चौधरी की अंतरराष्ट्रीय टीम ने लोगों की स्वयं गणना की। महिलाओं की गणना वियतनाम से आईं डॉ.जूलिया एंगेन व पुरुषों की गणना स्वयं डॉ. चौधरी ने की।

लोगों ने कहा

मिट्टी से हमारा गहरा रिश्ता है। इसके फायदे बहुत हैं। जितना हम मिट्टी से दूर होते गए, बीमारियां बढ़ती गईं। मेरा सौभाग्य है कि जो रिकॉर्ड गोरखपुर के नाम हो रहा है, उसमें मेरी सहभागिता है। - भूप सिंह

मिट्टी हमारी पहचान है। आज मिट्टी, हवा, पानी व धूप के महत्व को हम भूल गए हैं, इसीलिए परेशान हैं। जरूरत है हमें प्रकृति की ओर लौटने की। तभी समाज और हम स्वस्थ रह सकते हैं। - दीपक तिवारी

मिट्टी की महिमा अपार है। यह हमें जीवन देती है। जब तक हमारा मिट्टी से रिश्ता कायम था, समाज पूरी तरह स्वस्थ था। जबसे यह रिश्ता कमजोर हुआ, हम कमजोर हुए हैं। - शनि विश्वकर्मा

मिट्टी लेप के अपने फायदे हैं, लेकिन आज मिट्टी लेप कराने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि गोरखपुर में एक नया रिकॉर्ड बनने जा रहा है। इसमें सहभागी होकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। - राकेश कुमार यादव

मिट्टी लेप वाली खबर में इनसेट तत्काल लाभ पहुंचाती है मिट्टी

मिट्टी लेप एक तरह की प्राकृतिक चिकित्सा है। पहले मिट्टी को जमीन के तीन फीट नीचे से खोदा जाता है। उसे पीटा जाता है, महीन छलनी से छाना जाता है। फिर रात भर पानी में भिगोया जाता है। सुबह आटे की तरह गूंथकर उसका लेप किया जाता है। इसका लेप तनाव व अनिद्रा को कम करता है, ब्लड प्रेशर को संतुलित करता है, त्वचा रोग में चमत्कारी लाभ देता है। साथ ही नसों की कमजोरी से होने वाले सभी रोगों में लाभदायक है। त्वचा रोग में तो इसका एक ही दिन में प्रभाव दिखने लगता है। अन्य रोगों में 10 दिन में लाभ मिलना शुरू हो जाता है।  - डॉ. विमल मोदी, निदेशक, आरोग्य मंदिर

प्रथम नेचुरोपैथी डे पर सर्वांग मिट्टी लेप का एशियन रिकॉर्ड दिल्ली के नाम गया था। दूसरे नेचुरोपैथी डे पर आरोग्य मंदिर, गोरखपुर ने नया रिकॉर्ड बनाया है। हमारी शुभकामनाएं आरोग्य मंदिर के साथ हैं, क्योंकि यहां हर चीज का पैरामीटर है और हर सवाल के जवाब मौजूद हैं। - डॉ. विश्वरूप राय चौधरी, डायरेक्टर, एशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड

महानगर वासियों, स्कूली बच्‍चों व आरपीएफ जवानों के कार्यक्रम में शामिल होने के चलते यह रिकॉर्ड गोरखपुर में बन पाया है। उन सभी लोगों को हृदय से साधुवाद, जिन्होंने कार्यक्रम में शामिल होकर गोरखपुर को मान दिलाया है। आरोग्य मंदिर परिवार इस उपलब्धि का श्रेय पूरे समाज को देता है। - डॉ. राहुल मोदी, प्राकृतिक चिकित्सक, आरोग्य मंदिर

Posted By: Pradeep Srivastava

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