गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर शहर में आयोजित होने वाली हर प्रतियोगी परीक्षा में साल्वर पकड़े जा रहे हैं। इनमें ज्यादातर पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार से जुड़े हैं, जिनका नेटवर्क पूरे देश में काम कर रहा है। रुपये लेकर अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने व दिलाने वाले गिरोह के सदस्यों को पकड़कर पुलिस की कार्रवाई पूरी हो जाती है। पूर्व में सामने आए मामलों में पुलिस किसी गिरोह के सरगना तक नहीं पहुंच सकी है। एसएसपी डा.विपिन ताडा ने बताया कि इस तरह के मुकदमों की समीक्षा करके पूरी रिपोर्ट ली जाएगी।

हाल के दिनों में पकड़े गए साल्वर

25 अगस्त 2021: कैंट पुलिस ने पीईटी में शामिल साल्वर सहित दो युवकों को गिरफ्तार किया। उनके पास से फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।

01 फरवरी 2021: एसटीएफ ने साल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया। प्रयागराज से सरगना प्रशांत ङ्क्षसह, धर्मेंद्र ङ्क्षसह, शिवपूजन पटेल, मुनेश कुमार, आदित्य शाही, पूजा देवी और गोरखपुर से यतेंद्र कुमार ङ्क्षसह को गिरफ्तार किया था।

28 नवंबर 2020 : गोरखपुर एसटीएफ ने पैडलेगंज में दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से फोन, डायरी, प्रवेश पत्र बरामद हुए।इन सभी के खिलाफ एसटीएफ ने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

13 अगस्त 2019: स्वास्तिक आनलाइन प्रकाश कांपलेक्स पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा नवलेश कुमार पकड़ा गया। बिहार के गया जिला निवासी नवलेश ने परीक्षा पास कराने के लिए रविशंकर नाम के युवक से 50 हजार लिए थे।

06 अगस्त 2019: पिपराइच के के जंगल धूसड़ में ई टेक्निकल सेंटर पर एसएससी की आनलाइन परीक्षा में बिहार,जहानाबाद के बलजीत कुमार ङ्क्षसह, नालंदा के सुबोध कुमार, थल्लू बिहार के राजेश कुमार और नालंदा के राहुल कुमार को क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा था।

31 अक्टूबर 2018: रेलवे की ग्रुप डी की परीक्षा में स्वास्तिक सेंटर से बिहार के जहानाबाद निवासी साल्वर दिनेश कुमार और नालंदा के राजीव कुमार पकड़े गए।

14 सितंबर 2018: नौसढ़ के स्वास्तिक सेंटर से यूपीपीसीएल की परीक्षा में बस्ती के अलमास, गोरखपुर के दिलीप कुमार और छपरा के रोशन कुमार और मुजफ्फरपुर राजीव यादव पकड़े गए थे।

15 लाख में लेते थे दारोगा बनाने की गारंटी

दारोगा भर्ती की आनलाइन परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को एसटीएफ ने मंगलवार को गोरखपुर में गिरफ्तार किया था। गोरखपुर व महराजगंज जिले के रहने वाले आरोपितों ने 15 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने की गारंटी ली थी। कई परीक्षा केंद्र के संचालकाें से इनकी साठगांठ थी। पूछताछ में नाम सामने आने के बाद संचालकाें पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। रुपये देने वाले अभ्यर्थी को गिरोह के सदस्य अलग कमरे में बैठाकर प्रश्न पत्र हल कराते थे। एसटीएफ के निरीक्षक ने आरोपितों के खिलाफ रामगढ़ताल थाने में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का मुकदमा दर्ज कराया है।

Edited By: Pradeep Srivastava