सिद्धार्थनगर : विकास खंड जोगिया मधवापुर टोला मिझुनिया में सरकारी सुविधाएं दम तोड़ रहीं हैं। सड़क, नाली की समस्या बनी हुई है। शुद्ध पेयजल का कोई इंतजाम नहीं है। पथ प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है। पात्रों को आवास व पेंशन नहीं मिल पाया है। शौचालय न होने से खुले में शौच जाने की मजबूरी है। बावजूद महकमा और जिम्मेदार इसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

करीब छह सौ की आबादी का वाले इस गांव की जनता सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा सकी है। सड़क, शौचालय, आवास, वृद्धा, विधवा पेंशन, शुद्ध पेयजल की किल्लत है। गांव के बाहर की सड़कों पर बिना मुंह नाक बंद किए चलना मुश्किल है, क्योंकि सड़कें शौच से पटी हुई हैं। गांव में कुछ शौचालय बने हैं, वह किसी काम के नहीं है। गांव के अंदर सड़क और नाली का पता ही नहीं है। नाली सफाई न होने की वजह से बजबजा रही हैं। जगह-जगह कूड़ा पटा हुआ है। सड़कों पर खर पतवार उगे हैं। सफाईकर्मी भी नहीं आते। कई पात्र आवास के लिए तरस रहे हैं। आवास न मिलने के कारण सुनीता, मीना का परिवार घरों के ऊपर पन्नी लगा कर जीने को मजबूर हैं। पेयजल के लिए देसी नल का ही सहारा है। गांव में आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं है।

किसलावती देवी ने कहा कि पति की मृत्यु काफी समय पहले हुई है। विधवा पेंशन के लिए परेशान हूं। लेकिन आज तक नहीं बन सका है। जमीन भी बहुत कम है। पेंशन बन जाता तो कुछ तो सहारा मिल जाता। लक्ष्मी देवी का कहना है कि एक दशक से भी ज्यादा समय से गांव की स्थिति जस की तस है। पक्की सड़क नहीं है। जल निकासी का भी कोई प्रबंध नहीं है। बारिश में स्थिति नारकीय बनी रहती है। अमरावती देवी ने कहा कि गांव में शौचालय न होने से लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। हमारे घर भी शौचालय नहीं है। सरकार से मिलने वाला सहयोग राशि मिला होता तो शौचालय बन गया होता।

सुभावती देवी ने कहा कि शाम होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। पथ प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। नाली जाम होने से गांव में जल जमाव रहता है। सड़क घासफूस से पटी हुई है। सफाई का इंतजाम नहीं है। ग्राम प्रधान मंजू देवी ने कहा कि शौचालय न बनने के कारण सभी महिला और पुरुष को सड़कों के आसपास शौच करने को मजबूर हैं। आवास इस गांव में पात्र व्यक्ति को नहीं मिला है। नाली की स्थिति ठीक नहीं है। अभी हमको काम करने का अवसर नहीं मिला है। जल्द ही गांव की समस्या का निदान किया जाएगा । जिला पंचायत राज अधिकारी आदर्श ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन को लेकर सरकार गंभीर है। गांव का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। जहां भी कमियां होंगी, उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। यदि गांव में सफाई कर्मी नहीं आते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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