गोरखपुर, जेएनएन। बालीवुड सिंगर सोनू निगम ने गोरखपुर महोत्सव में प्रस्तुति न देने को लेकर उपजे फीस वापसी विवाद को सिरे से खारिज किया है। सोनू का कहना है कि यह कोई विवाद ही नहीं है। आयोजन को महोत्सव समिति ने स्थगित किया था, ऐसे में प्रस्तुति देने वाले कलाकार की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह फीस वापस करे। सोनू ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस मामले में अपनी स्थिति साफ की है।

मीडिया के सामने रखा अपना पक्ष

विज्ञप्ति में सोनू ने कहा है कि महोत्सव के तहत 13 जनवरी को आयोजित होने वाली बालीवुड नाइट के स्थगित होने के बाद अगली तिथि 14 जनवरी तय की गई, उस तिथि में उनका अन्य स्थान पर कार्यक्रम सुनिश्चित था। ऐसे में वह नई तिथि में प्रस्तुति देना उनके लिए संभव नहीं था। जहां तक रही फीस वापसी की बात तो प्रस्तुति में इंजीनियर, संगीतकार, टेक्नीशियन आदि भी शामिल होते हैं। कार्यक्रम स्थगित होने से उन्हें उस दिन कोई कार्यक्रम नहीं मिल सका। बावजूद इसके रिश्तों को तरजीह देते हुए उन्होंने समिति के सामने दो विकल्प रखा। पहला 50 फीसद फीस वापसी का और दूसरा अगली प्रस्तुति में धनराशि को समायोजित करने का। समिति ने दोनों ही विकल्प अपनाने इन्कार कर दिया। ऐसे में यह मामला इसी स्टेज पर समाप्त होता है। बता दें कि दो दिन पहले महोत्सव समिति के उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने फीस वापसी के लिए सोनू निगम को नोटिस जारी किया है। नोटिस में फीस वापस न करने पर विधिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।

कार्यक्रम पेश करने के लिए दिए गए थे 40 लाख रुपये

11 से 13 जनवरी के बीच आयोजित महोत्सव के तीसरे दिन यानी 13 जनवरी की बॉलीवुड नाइट में सोनू निगम का कार्यक्रम होना था। इसके लिए सोनू के खाते में एडवांस के तौर 40 लाख रुपये और जीएसटी की रकम समिति ने भेजी थी। आयोजन शुरू होने से पहले 10 जनवरी को ओमान के सुल्तान काबुश बिन सईद अल सईद का निधन हो गया, जिसकी वजह से सरकार ने 13 जनवरी को राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया। ऐसे में महोत्सव समिति ने अंतिम दिन अर्थात 13 जनवरी का कार्यक्रम 14 जनवरी को करने का फैसला लिया लेकिन, नई तिथि पर प्रस्तुति देने के लिए सोनू राजी नहीं हुए। ऐसे में आनन-फानन सिंगर केके का कार्यक्रम आयोजित करना पड़ा था।

आधी रकम लौटाने को तैयार थे साेनू निगम

हलांकि सोनू निगम आधी रकम लौटाने को तैयार थे। सोनू निगम का कहना है कि मैने किसी शर्त का उल्‍लंघन नहीं किया है और मैं महोत्‍सव में आने को तैयार था। महोत्‍सव का कार्यक्रम रद होने में मेरी कोई भूमिका नहीं है इसलिए प्रशासन रुपये लौटाने का दबाव नहीं बना सकता।

Posted By: Pradeep Srivastava

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