गोरखपुर, जेएनएन। क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के सीरो सर्वे के दूसरे चरण में हर चौथे-पांचवें व्यक्ति में कोरोना की एंटीबाडी मिली है। एंटीबाडी मिलने का मतलब वह व्यक्ति पूर्व में संक्रमित हो चुका है। 20 से 31 दिसंबर 2020 तक बलरामपुर, गोंडा व मऊ में पांच-पांच सौ लोगों के खून के नमूने लिए गए। इनमें 100 स्वास्थ्य कर्मी और 400 आम जन थे। 25 फीसद स्वास्थ्य कर्मियों 20 फीसद आम जन में संक्रमण मिला है। कुल मिला दिया जाए तो 21 फीसद लोग संक्रमित हो चुके हैं। 1500 लोगों में 315 लोगों में एंटीबाडी मिली है। सर्वे के अनुसार हर चौथे स्वास्थ्य कर्मी और हर पांचवें आम जन कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसके पूर्व अप्रैल 2020 में पहले चरण के सर्वे में .7 फीसद लोगों में एंटीबाडी मिली थी।

आइसीएमआर ने दी थी आरएमआरसी को जिम्मेदारी

इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने पूरे देश में सीरो सर्वे कराया था। उत्तर प्रदेश को पूर्वी व पश्चिमी भागों में बांटकर सर्वे हुआ था। पूर्वी भाग की जिम्मेदारी आरएमआरसी को मिली थी।

बनाई गई थीं 10 टीमें

सीरो सर्वे के लिए हर जिले में 10-10 टीमें बनाई गई थीं। यह टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में सर्वे कर आम नागरिकों व स्वास्थ्य कर्मियों के खून के नमूने ली थीं। उनमें एंटीबाडी की जांच हुई है।

इस उम्र के लोगों को किया गया शामिल

अप्रैल में हुए प्रथम चरण के सर्वे में 18 से 59 साल के लोगों की जांच की गई थी। दूसरे चरण के सर्वे में 10 साल से लेकर 60 वर्ष के लोगों को शामिल किया गया था।

आरएमआरसी के वायरोलाजिस्ट डा. अशोक पांडेय के अनुसार तीन जिलों में सर्वे किया गया है। 1500 लोगों के खून के नमूने लिए गए थे। उनमें से 315 में कोरोना की एंटीबाडी मिली है। ये ऐसे लोग थे जिनके शरीर में कोरोना ने प्रवेश किया था लेकिन उन्हें पता नहीं चला और वे ठीक भी हो गए थे।

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