गोरखपुर, जागरण संवादददाता। जायरीन 10 अगस्त से उमरा कर सकेंगे। सऊदी अरब हुकूमत ने उमरा करने की अनुमति दे दी है। कोरोना संक्रमण के चलते प‍िछले वर्ष मार्च से ही उमरा करने पर रोक थी। भारत से जाने वाले जायरीन को 14 दिन क्वारंटीन रहना होगा। इससे यात्रा 15 दिनों से बढ़कर एक माह और खर्च भी दोगुना हो जाएगा। आमतौर पर एक व्यक्ति के उमरा करने पर 60 से 75 हजार रुपये तक का खर्च आता था।

गोरखपुर-बस्ती मंडल से हर साल उमरा पर जाते हैं 12 हजार जायरीन

उमरा करना अनिवार्य नहीं है बल्कि स्वैच्छिक है। उमरा के लिए समय की कोई बाध्यता नहीं है। हज के मुकाबले उमरा करना काफी सस्ता होता है, इसलिए हर साल बड़ी संख्या में लोग उमरा करने जाते हैं। इसके लिए वीजा म‍िलना शुरू हाे गया है। इस यात्रा के लिए वीजा आवेदन के साथ वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र की प्रति लगाना अनिवार्य होगा। कोरोना की वजह से पिछले वर्ष की तरह इस बार भी भारतीयों को हज पर जाने का मौका नहीं मिला। ऐसे में वे मोर्हरम के महीने उमरा करने की तैयारी कर रहे हैं। हर साल गोरखपुर-बस्ती मंडल से करीब 12 हजार जायरीन उमरा करने सऊदी अरब जाते हैं।

दोगुना हो जाएगा खर्च

ट्रेवल एजेंसी संचालक मोहम्मद माज ने बताया कि हर साल बड़ी संख्या में लोग उमरा पर जाते हैं। वहां जाने वालों में ऐसे लोगों की तादाद ज्यादा होती है जो हज का खर्च (करीब तीन लाख रुपये) उठा सकने में सक्षम नहीं होते। 15 दिन क्वारंटीन रहने की शर्त की वजह से खर्च करीब-करीब दोगुना हो जाएगा।

इन शर्तों का करना होगा पालन

उमरा पर जाने वाले की उम्र 18 से 60 के बीच होनी चाहिए।

आवेदक यात्रा के छह माह पहले तक अस्पताल में भर्ती न रहा हो।

कोरोना बचाव की वैक्सीन का दोनों डोज लगा हो।

यात्रा शुरू होने के कम से कम 14 दिन पहले दूसरी डोज लगी होनी चाहिए।

Edited By: Pradeep Srivastava