संतकबीर नगर: धनघटा तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में यह नदी खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। कई गांवों और स्कूलों में नदी का पानी घुसने लगा है। इसकी वजह से इन गांवों के लोग पलायन करने के लिए मजबूर हो गए हैं। लोगों में दहशत है। उन्हें बाढ़ से बर्बादी की चिता सता रही है।

सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को सरयू नदी खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। वर्तमान में यह नदी खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। इसकी वजह से तुर्कवलिया गांव के निकट स्थित एमबीबी बंधे के पास बसे गांव आगापुर गुलरिहा,पटौवा, सरैया,खरैया, कंचनपुर, गायघाट, सीयरखुर्द, भौवापार,चकदहा आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। इसकी वजह से इन गांवों के लोग पलायन करने के लिए विवश हो गए हैं। गांव निवासी रामचंद्र, सुभाष ,राम शंकर, जयकरन, हरिराम आदि लोगों का कहना है कि लगातार सरयू के बढ़ते जलस्तर से गांव में पानी घुसने लगा है। डीएम ने 19 अक्टूबर को 22 गांवों को खाली करवाने का निर्देश दिया था। बाढ़ पीड़ित गांव नहीं छोड़ रहे थे, जब गांव में पानी घुसने लगा है तो वे पलायन करने को मजबूर हुए। अब धमचिया गायघाट, गुलरिहा आदि गांवों के स्कूलों में पानी घुसने से पठन-पाठन कार्य भी प्रभावित हो गया है। एसडीएम योगेश्वर सिंह ने बताया कि तुर्कवलिया गांव के पास बंधे की सुरक्षा के लिए विभागीय कर्मी काम कर रहे हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए नाव लगा दी गई है। कहीं से भी कोई समस्या नहीं आने पाएगी।

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