गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव: भाजपा बागी संजयन 48 घंटे में सपा के प्रत्याशी, कमलेश का टिकट कटा
संजयन त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है और उन्हें गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा का प्रत्याशी बनाया गया है।

संजयन त्रिपाठी की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
संजयन त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट से सपा प्रत्याशी बने।
भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय नामांकन किया।
आशुतोष मिश्रा, गोरखपुर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बडॉ बदलाव करते हुए डॉ. संजयन त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बना दिया है। शनिवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में डॉ. संजयन को पार्टी की सदस्यता दिलाने के साथ ही उन्हें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही सपा ने पहले घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव को बदल दिया।
संजयन त्रिपाठी के सपा में आने की पटकथा महज एक दिन पहले लिखी गई। भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद डॉ. संजयन ने गुरुवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया था। नामांकन के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी कार से भाजपा का झंडॉ उतार दिया था। इस दौरान वह भावुक भी नजर आए। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया था।
एक रात में बदला पूरा घटनाक्रम
गुरुवार को नामांकन के बाद देर शाम डॉ. संजयन से सपा के एक वरिष्ठ नेता की बातचीत हुई। इसके बाद उन्हें चिल्लूपार के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी से संपर्क करने को कहा गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार शुक्रवार को विनय शंकर तिवारी डॉ. संजयन को लेकर लखनऊ पहुंचे। इसी दौरान सपा के पहले से घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव को भी लखनऊ बुलाया गया।
सपा में डॉ. संजयन की एंट्री के साथ ही कमलेश यादव के नामांकन का कार्यक्रम अचानक स्थगित कर दिया गया। कमलेश ने नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले ही दिन तीन सेट में पर्चा खरीदा था और शनिवार को नामांकन की तैयारी पूरी कर ली थी।
शुक्रवार रात कार्यक्रम स्थगित होने के बाद प्रत्याशी बदलने की चर्चा तेज हो गई थी। शुक्रवार देर रात तक स्थिति पूरी तरह सार्वजनिक नहीं की गई थी। शनिवार को सपा ने औपचारिक रूप से तस्वीर साफ कर दी। अब डॉ. संजयन त्रिपाठी सपा के प्रत्याशी हैं।
कौन हैं डॉ. संजयन त्रिपाठी
डॉ. संजयन त्रिपाठी लंबे समय से गोरखपुर क्षेत्र की राजनीति और शिक्षक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह देवरिया के मठलार डिग्री कालेज में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष रहे हैं। शिक्षण और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े होने के कारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उनकी सक्रियता रही है। निजी विद्यालयों के शिक्षकों के बीच भी उनका संपर्क बताया जाता है। उनका चुनावी सफर भी पुराना है।
वर्ष 2006 में उन्होंने कौड़ीराम विधानसभा उपचुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लडॉ था। वर्ष 2007 में वह कांग्रेस के टिकट पर कौड़ीराम विधानसभा चुनाव में उतरे। इसके बाद उन्होंने विधान परिषद की राजनीति का रुख किया। 2010 में गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लडॉ और दूसरे स्थान पर रहे।
बाद में उन्होंने फिर इसी क्षेत्र से चुनाव लडॉ और एक बार फिर दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2022 में डॉ. संजयन भाजपा में शामिल हुए। 2023 के गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में वह भाजपा से टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने देवेंद्र प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद उन्होंने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन की घोषणा की थी।
शिक्षक सीट पर क्यों थी दावेदारी
इस बार डॉ. संजयन ने स्नातक सीट के बजाय शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट की दावेदारी की थी। भाजपा ने 30 सितंबर को मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को प्रत्याशी घोषित कर दिया। टिकट कटने के बाद संजयन ने खुलकर नाराजगी जताई और निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया।
एक अक्टूबर को नामांकन के दौरान उनके समर्थकों की भीड़ जुटी और उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया। इसके बाद भाजपा का झंडॉ कार से उतारने का उनका वीडियो सामने आया, जिसने स्थानीय राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा पैदा की।
सपा के लिए भी बडॉ बदलाव
सपा ने इस सीट पर काफी पहले शिक्षक नेता कमलेश यादव को प्रत्याशी घोषित किया था। कमलेश चुनाव की तैयारी में जुटे थे और नामांकन के लिए पर्चा भी खरीद चुके थे। लेकिन, संजयन त्रिपाठी के घटनाक्रम के बाद पार्टी ने अचानक अपना फैसला बदल दिया।
अब सपा ने संजयन को प्रत्याशी बनाकर उन्हें सीधे भाजपा के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के मुकाबले उतार दिया है। इस बदलाव के बाद शिक्षक एमएलसी चुनाव का मुकाबला नए राजनीतिक समीकरण में प्रवेश कर गया है।
संजयन पहले भाजपा में टिकट के दावेदार थे, फिर निर्दलीय नामांकन किया और अब 48 घंटे के भीतर सपा के प्रत्याशी बन गए हैं। वहीं सपा के पहले घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव को अपना नामांकन कार्यक्रम स्थगित करना पडॉ।
23 अक्टूबर को मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित है। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है। नामांकन की अंतिम तिथि छह अक्टूबर तथा नाम वापसी की अंतिम तिथि नौ अक्टूबर है।
अब इस सीट पर भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी के सामने सपा के संजयन त्रिपाठी होंगे। संजयन का भाजपा से निकलकर सपा के टिकट पर मैदान में आना इस चुनाव का सबसे बडॉ नया घटनाक्रम बन गया है।
भाजपा में निष्ठा व समर्पण का कोई मोल नहीं
भाजपा में कोई संतुष्ट नहीं है। पार्टी के भीतर निष्टा और समर्पण का कोई मोल नहीं है। भारतीय जनता पार्टी में कुछ लोगों की तानाशाही चल रही है। समाजवादी पार्टी ही सर्वसमाज की पार्टी है, जो सबको साथ लेकर आगे बढ़ती है। पार्टी परिवार में संजयन त्रिपाठी का स्वागत है। -ब्रजेश कुमार गौतम, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी।
टिकट के लिए भाजपा में आए थे संजयन
डॉ. संजयन त्रिपाठी टिकट के उद्देश्य से भाजपा में आए थे। पार्टी के प्रति उनका कोई समर्पण नहीं था। टिकट न मिलने पर सपा में जाने का निर्णय लेकर उन्होंने यह साबित कर दिया। -विनोद राय, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा।
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