'संतुलित विकास और सख्त निगरानी से ही बनेगा विकसित यूपी'; जागरण विमर्श में बोले संजय निषाद
मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने 'विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित महराजगंज' विमर्श में विकास के लिए योजनाओं की निगरानी और निवेश को महत्वपूर्ण बताया।

दैनिक जागरण की ओर से आयोजित विमर्श कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री डॉ.संजय निषाद
HighLights
विकास के लिए योजनाओं की निगरानी और निवेश जरूरी है।
केंद्र-प्रदेश सरकार की योजनाओं से 48 हजार लोगों को लाभ।
मत्स्य पालन क्षेत्र में योजनाबद्ध निवेश से प्रगति हुई है।
डॉ. राकेश राय, गोरखपुर। विकास केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसकी वास्तविक तस्वीर धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए नीति निर्माण के साथ योजनाओं की निगरानी और जरूरत वाले क्षेत्रों में निवेश जरूरी है। प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने सोमवार को होटल लेग्रैंड में ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित महराजगंज’ विषय पर आयोजित जागरण विमर्श के उद्घाटन सत्र में प्रदेश के विकास का यही सूत्र सामने रखा।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत ढांचे को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया है, जिसका परिणाम सबके सामने है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के माध्यम से विभागों के कामकाज और योजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है। जब वह पहली बार मंत्री बने थे, तब कई विभाग बी, सी और डी श्रेणी में थे। अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष मुद्दा उठाया गया।
कानपुर देहात के प्रभारी मंत्री के रूप में अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां कई विभाग पहले सी और डी श्रेणी में थे, लेकिन निगरानी और सुधार की प्रक्रिया से अब ए और ए प्लस श्रेणी तक पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि विकास का मतलब केवल नई परियोजनाएं खड़ी करना नहीं, बल्कि लोगों के समय और ऊर्जा की बचत करना भी है। गोरखपुर से लखनऊ तक बेहतर सड़क संपर्क का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले इस यात्रा में पूरा दिन लग जाता था, जबकि अब करीब चार घंटे में सफर पूरा हो रहा है। बेहतर संपर्क से आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी गति मिलती है।
संजय निषाद ने कहा कि उनकी मांग पर अलग मत्स्य मंत्रालय बनने के बाद इस क्षेत्र में योजनाबद्ध निवेश बढ़ा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, नीली क्रांति, निषाद राज बोट योजना और उत्तर प्रदेश मत्स्य कल्याण कोष का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 48 हजार 215 लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिला है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में 60 प्रतिशत और निषाद राज बोट योजना में 40 प्रतिशत तक अनुदान का भी उल्लेख किया। मंत्री ने बताया कि मत्स्य कल्याण कोष से विद्यार्थियों को भी सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि डीबीटी और आनलाइन व्यवस्था से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए विकसित उत्तर प्रदेश जरूरी है और इसके लिए महराजगंज जैसे जिलों का संतुलित विकास जरूरी है। कैबिनेट स्तर पर क्षेत्र की जरूरतों को उठाने का अवसर मिलने से जिले के विकास को नई दिशा मिली है।
