गोरखपुर, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जनसमस्याओं से संबंधित 13-सूत्रीय मांगो को लेकर तहसील स्तर पर समाजवादी पार्टी ने धरना देकर सरकार पर जनविरोधी कार्य करने का आरोप लगाया। साथ ही केंद्र सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया।

नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में गरजे सपाई

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मंगलवार की सुबह पार्टी कार्यालय पहुंचे। वहां से वह जुलूस की शक्‍ल में निकले और कलेक्‍ट्रेट परिसर स्थित तहसील में पहुंच गए। वहां पर काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। बढ़ती मंहगाई, भ्रष्टाचार, किसानों की बदहाली, नौजवानों की बेरोजगारी, ध्वस्त कानून व्यवस्था तथा पूर्व मंत्री, सांसद आजम खां और उनके द्वारा स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के विरुद्ध बदले की कार्रवाई के विरोध में सपाई नारेबाजी कर रहे थे। वक्‍ताओं ने कहा कि प्रदेश और केंद्र की सरकार की नीतियों के कारण आम जनता परेशान हैं। जनता की समझ में नहीं आ रहा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाए। कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जनता के साथ हो रहे अन्‍याय के कारण ही आज सड़कों पर उतरना पड़ा है।

सरकार पर लगाया आरोप

धरना शांतिपूर्ण और बड़ी संख्या में जनभागीदारी के साथ संपन्‍न हुआ।  इसमें भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश किया गया। निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने कहा कि सरकार ने बिजली की दरों में भारी बढ़ोत्तरी कर दी, ट्रैफिक सुधार के नाम पर लंबे जुर्माने लगाए जाने लगे। बदले की भावना से आजम खां और उनके परिवार के प्रति फर्जी मुकदमों को दर्ज किया जाना जारी है। जिले में विकास कार्य बंद है। मंहगाई चरम पर है।

वक्‍ताओं ने कहा कि किसान आज भी कर्ज के बोझ से दबा है। नौजवानों के सामने धुंधला भविष्य है। उद्योग धंधे बंद हो रहे हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। बलात्कार, हत्या, लूट की घटनाएं थम नहीं रही है। अल्पसंख्यकों की स्थिति दयनीय है।

सपाइयों ने कहा कि शाहजहांपुर में पीड़िता न्याय के लिए गुहार लगा रही है। उल्टे उसे ही जेल भेज दिया गया है। आरोपी को रियायतें दी जा रही हैं। भाजपा सरकार इंसाफ की आवाज दबा रही है। गोरखपुर शहर के अतिरिक्‍त ग्रामीणों क्षेत्रों में तहसीलवार धरने की सूचना मिली है। 

Posted By: Satish Shukla

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