रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन का अध्ययन करेगी 'राइट्स', गोरखपुर, लखनऊ भी शामिल
रेल मंत्रालय ने स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए राइट्स को अध्ययन एजेंसी नामित किया है। गोरखपुर, लखनऊ सहित 73 ...और पढ़ें

रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़। जागरण
HighLights
रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन का विस्तृत अध्ययन शुरू।
राइट्स एजेंसी 73 स्टेशनों पर यात्री सुरक्षा का आकलन करेगी।
गोरखपुर, लखनऊ, छपरा, बनारस स्टेशन भी शामिल हैं।
प्रेम नारायण द्विवेदी, गोरखपुर। भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर त्योहार या विशेष पर्व, परीक्षाओं व अन्य अवसरों पर जुटने वाली भीड़ की स्थिति, प्रवृत्ति और उसके मनोविज्ञान का आकलन करने के लिए विस्तृत स्तर पर अध्ययन किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने इसके लिए रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) को एजेंसी के रूप में नामित किया है।
प्रथम चरण में अध्ययन के लिए भारतीय रेलवे के कुल 73 स्टेशनों को चिह्नित किया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर जंक्शन के अलावा लखनऊ, छपरा और बनारस भी इसमें शामिल हैं। राइट्स ने गोरखपुर समेत अन्य स्टेशनों अध्ययन की शुरुआत कर दी है। रिपोर्ट के आधार पर भीड़ प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक बदलाव कर संभावित दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
राइट्स ने गोरखपुर जंक्शन की प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट पर अभी तक रेलवे प्रशासन से आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है। चर्चा के बाद राइट्स दूसरी रिपोर्ट तैयार करेगा। द्वितीय रिपोर्ट पर मंथन के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार होंगी। इस दौरान राइट्स का अध्ययन फीडबैक और सुझावों के आधार पर चलता रहेगा।
दिसंबर तक रिपोर्ट फाइनल होने की संभावना जतायी जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर जंक्शन पर भीड़ वाले प्वाइंट पर स्थायी होल्डिंग एरिया व 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज का निर्माण होगा। होल्डिंग एरिया के आसपास ही टिकट काउंटर और प्रसाधन केंद्र तैयार किए जाएंगे।
सुरक्षा के मजबूत इंतजाम होंगे। जिसमें सीसी कैमरे लगाने व वार रूम स्थापित करने के साथ सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। त्योहारों और विशेष अवसरों पर अतिरिक्त प्रवेश व निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ताकि, रेलवे स्टेशन पर भीड़ जुटने से पहले ही उसे नियंत्रित किया जा सके।
महाकुंभ- 2025 के दौरान जनवरी और फरवरी में गोरखपुर समेत देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जमी रही। विशेष स्नान पर्व के एक दिन पहले तो स्टेशनों पर पैर रखने की जगह नहीं बचती थी। भीड़ देख रेलवे प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए थे। गोरखपुर में तो भीड़ को नियंत्रित कर ली गई, लेकिन दिल्ली स्टेशन पर 15 फरवरी की रात भगदड़ मच गई।
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कई लोग असमय काल के गाल में समा गए। दिल्ली घटना के बाद रेल मंत्रालय ने देशभर के प्रमख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया था, जिसकी कवायद तेज हो गई है। भीड़ प्रबंधन का अध्ययन करने के लिए राइट्स की टीम चिह्नित स्टेशनों से बनकर व गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या, फुटफाल (रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों की संख्या) का आंकलन कर रही है।
स्टेशन प्रबंधन व जिला प्रशासन से कब भीड़ होती है, भीड़ कहां से और किस दिशा से आती है की जानकारी जुटा रही है। स्टेशन के माडल, परिसर, गेट, प्लेटफार्मों व फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर व लिफ्ट की संख्या की भी जानकारी एकत्र कर रही है। भीड़ किस ट्रेन व प्लेटफॉर्म पर अधिक होती है, कहां से प्रवेश करती है और निकास किधर से होता है। इसका भी डाटा तैयार किया जा रहा है।
इसके लिए स्टेशनों का ड्रोन वीडियो व पिक्टचर भी तैयार किए जा रहे हैं। स्टेशन प्रबंधन, जिला प्रशासन के अलावा यात्रियों से भी फीडबैक ली जा रही है। गोरखपुर में प्राथमिक रिपोर्ट में पूर्वी छोर पर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के केंद्रीय कार्यालय पर होल्डिंग एरिया व अन्य यात्री सुविधाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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