गोरखपुर, जेएनएन। रेलवे बोर्ड ने री-इंगेजमेंट स्कीम (दोबारा भर्ती योजना) को एक दिसंबर 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है। इसका फायदा उन रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलेगा जो सेवानिवृत्ति के बाद भी दोबारा नौकरी की आस में थे। गुरुवार को लिया गया यह फैसला पूर्वोत्तर रेलवे में भी लागू होगा। यह स्कीम एक दिसंबर 2019 को समाप्त हो रही थी।

जीएम के पास होगा अधिकार

रिटायर्ड कर्मचारियों को नौकरी पर रखने का अधिकार महाप्रबंधक के पास होगा। कर्मचारियों की कार्यकुशलता का आंकलन करने के बाद वह उनकी छंटनी भी कर सकते हैं। अब तक यह अधिकार विभागाध्यक्षों के पास था। तीन दिन बाद योजना के स्वत: समाप्त होने के चलते इसको लेकर कर्मचारी ही नहीं अधिकारियों में भी असमंजस बरकरार था।

उम्र के साथ बढ़ी थी वैधता

रेलवे बोर्ड ने दिसंबर 2017 में पुनर्नियोजित होने वाले कर्मचारियों की उम्र सीमा 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने के साथ ही दोबारा भर्ती योजना को एक दिसंबर 2019 तक के लिए वैध कर दिया था। इसके बाद समूचे भारतीय रेलवे में रिटायर्ड कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

गूंजते रहे हैं विरोध के स्वर

कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए री-इंगेजमेंट स्कीम 2017 में लागू हुई थी। इसका लाभ रिटायर्ड कर्मचारियों को तो मिला, लेकिन बेरोजगारी बढऩे को मुद्दा बनाकर इसका विरोध भी शुरू हो गया। इस स्कीम की बजाय नई भर्ती की मांग तेज हो गई।

री-इंगेजमेंट स्कीम की वैधता एक दिसंबर 2020 तक कर दी गई है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। - पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे

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