गोरखपुर, जेएनएन। रेलवे स्टेशनों, रेल लाइनों, कोचों, वैगनों तथा उपकरणों की तर्ज पर अब रेलवे के कारखानों, दफ्तरों, प्रशिक्षण केंद्रों तथा रेल म्यूजियम की भी आनलाइन निगरानी हो सकेगी। दिल्ली में बैठे अधिकारी भी लोकेशन ले सकेंगे। इसके लिए इन सबकी मैपिंग कराई जाएगी। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल कार्यालयों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।

शुरू होगी ऐसी व्‍यवस्‍था

रेलवे के अभिलेखों में उनके कारखानों, दफ्तरों, प्रशिक्षण केंद्रों तथा रेल म्यूजियम आदि की जानकारी तो मिल जाती है लेकिन उनकी अवस्था का सही आंकलन नहीं हो पाता। मसलन, उनकी भौतिक स्थिति कैसी है, व्यवस्था क्या है, कार्य प्रणाली कैसी है, आदि के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती। अब जब इनकी मैपिंग हो जाएगी तो सबकुछ सामने होगा। दरअसल, रेलवे के सभी कार्य डिजिटल प्लेटफार्म पर होने लगे हैं। रेलवे बोर्ड का नया निर्देश भी इसी की एक कड़ी है। अब तो रेलवे के दफ्तरों में फाइलों की जगह अब ई आफिस ने ले ली है। 

रेल लाइनों का भी होगा ऑनलाइन निरीक्षण 

स्टेशन ही नहीं रेल लाइनों, रेल पुलों, बिजली के तारों, ट्रेनों के इंजनों, कोचों और वैगनों तक की निगरानी ऑनलाइन शुरू हो गई है। रेल मंत्रालय की पहल पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पूर्वोत्तर रेलवे सहित भारतीय रेलवे के सभी ट्रेनों की निगरानी का बीड़ा उठाया है। इंजनों में जीपीएस सिस्टम भी लगने शुरू हो गए हैं। आने वाले दिनों में ट्रेनों की सटीक जानकारी मिलेगी।

 

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