गोरखपुर, जेएनएन। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में परिषदीय व माध्यमिक शिक्षक यहां पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक के विरोध में हुंकार भरी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक जुलूस को शास्त्री चौक पर जाने से सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज के समीप रोके जाने पर जाने पर शिक्षकों व प्रशासन के बीच नोक-झोंक हुई। शिक्षकों ने सड़क पर धरना देते हुए विधेयक को वापस लिए जाने की मांग की। कहा कि ये विधेयक शिक्षकों को बंधुआ मजदूूर बनाने की साजिश है।

शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक के विरोध में शिक्षक हरिओमनगर स्थित स्काउट कुटीर पर एकत्र हुए। दर्जनों की संख्या में शिक्षक यहां से जुलूस निकालते हुए विधेयक के विरोध में नारेबाजी करते हुए शास्त्री चौक की तरफ बढ़े। शिक्षक महासंघ ने शास्त्री चौक पर विधेयक की प्रतियां जलाने की घोषणा की थी। सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज के सामने सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कैंट ने जुलूस को आगे बढऩे से रोक दिया। शिक्षकों ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन को पहले जानकारी दी जा चुकी है।

शिक्षक नहीं स्‍वीकार करेगा शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक

जुलूस रोके जाने से नाराज शिक्षक विधेयक को वापस लिए जाने की मांग करते हुए धरना पर बैठ गए। इसके बाद जुलूस को शास्त्री चौक तक जाने की अनुमति मिली। जिलाध्यक्ष राजेश धर दूबे ने कहा कि शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक को शिक्षक समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा। संयोजक डा. दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि इस काले कानून के विरुद्ध संघर्ष शुरू हो गया है इसे खत्म कराए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र ओझा ने कहा कि विधेयक के विरोध में शिक्षकों को इसी तरह एकजुटता दिखानी होगी। जुलूस का संचालन प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री श्रीधर मिश्र व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री श्याम नारायण ङ्क्षसह ने किया।

इस दौरान कोषाध्यक्ष सुधांशु मोहन सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरेंद्र राय, वीरेंद्र दूबे, गोविंद राय, राजेश पांडेय, अजय सिंह, संयुक्त मंत्री योगेश शुक्ला, अनिल चंद, बृजेंद्र प्रताप सिंह, अनिल पांडे, नरेन्द्र सिंह, अशोक सिंह, राकेश दुबे, राजेश सिंह, राकेश राय, चंद भूषण तिवारी, सुखराम, महेश शुक्ला, कुलदीप सिंह, विपिन दूबे, अजय कुमार, कलीम अशरफ, अविनाश मिश्र, अरविंद चौरसिया, विनय सिंह, राकेश कुमार, शरण वर्मा, दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।

 

Edited By: Satish Chand Shukla