गोरखपुर, जेएनएन। नगर निगम के उपसभापति चुनाव का बिगुल बज गया है। 27 जनवरी को नगर निगम के गेस्ट हाउस में उपसभापति का चुनाव होगा। हालांकि कार्यकारिणी में भाजपा के पार्षदों की संख्या ज्यादा होने और भाजपा का ही उपसभापति चुने जाने की संभावना के बीच चुनाव होने की उम्मीद कम है।

छह सदस्‍य भाजपा के

12 सदस्यों वाली कार्यकारिणी में सर्वाधिक छह सदस्य भाजपा के हैं। चार सदस्य सपा, एक कांग्रेस और एक निर्दल है। नया उपसभापति वर्तमान उपसभापति बृजेश सिंह छोटू की जगह लेगा।

इस गणित पर चल रही चर्चा

भाजपा ने उपसभापति के पद पर वरिष्ठता के आधार पर कार्यकारिणी के पार्षद को मौका देने का निर्णय लिया है। वर्तमान में वरिष्ठता के आधार पर भाजपा के अजय राय और मनु जायसवाल उपसभापति की रेस में सबसे आगे हैं। अजय राय का कार्यकारिणी में अभी तकरीबन एक साल का समय बचा है जबकि मनु जायसवाल हाल में ही दूसरी बार कार्यकारिणी में शामिल हुए हैं। यानी मनु जायसवाल अभी दो साल तक कार्यकारिणी में रहेंगे। यदि भाजपा अगले साल एक और पार्षद को उपसभापति बनाकर उपकृत करने की राह पर चलेगी तो अजय राय का इस साल उपसभापति बनना तय है।

चुनाव हुआ तो महापौर का वोट निर्णायक

उपसभापति के लिए यदि चुनाव हुआ और सपा, कांग्रेस और निर्दल पार्षदों ने एकजुट होकर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ वोट डाला तो महापौर का मत निर्णायक होगा। यदि भाजपा का कोई कार्यकारिणी सदस्य विपक्षियों से मिल गया तो ही विपक्ष का उपसभापति बन सकता है। हालांकि विपक्षी खेमे में उपसभापति चुनाव के लिए कोई हलचल नहीं है।

ये हैं भाजपा और अन्‍य दलों के सदस्‍य

मनु जायसवाल, अजय राय, राम भुआल कुशवाहा, आलोक सिंह विशेन, राजेश तिवारी और अभिषेक निषाद भाजपा के सदस्‍य हैं। जबकि आकाश चौहान, उजैर अहमद, शकुन मिश्रा और रमेश यादव सपा के सदस्‍य हैं। इसके अलावा कांग्रेस के संजीव सिंह सोनू और निर्दल में आनंद वर्धन सिंह शामिल हैं। 

Posted By: Satish Shukla

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