गोरखपुर, जेएनएन। देवरिया जिले में बरसात के समय नगर सहित अन्य क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात खड़े हुए थे। बचाव के लिए एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल) तक को बुलाना पड़ा था। इसको देखते हुए नगर निकायों में लिडार तकनीक (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) से सर्वे कराने की तैयारी है। ताकि भविष्य में जल भराव की समस्या से आसानी से निपटा जा सके।

ढूंढ निकाले जाएंगे जलभराव वाले स्थल

देवरिया शहर हो या देहात, इस वर्ष औसत से अधिक बारिश होने से जनपद के अधिकतर हिस्से जलमग्न हो गए। अभी तक जलभराव पूरी तरह से दूर नहीं हो सका है। लोग परेशान हैं। इसको देखते हुए कमिश्नर गोरखपुर, जयंत नार्लिकर ने लिडार तकनीक से जल भराव का सर्वे करने को कहा है। स्थायी समाधान के लिए यह कवायद शुरू हुई है।

नहीं प्रस्तुत की कार्य योजना

दीवानी न्यायालय, डीएम कार्यालय, जिला चिकित्सालय, लोक निर्माण विभाग, पुलिस लाइन, आफिसर्स कालोनी में जल निकासी के समुचित इंतजाम को एक टीम का गठन किया गया है। इसमें अधिकारी शामिल हैं। डीएम ने एक पखवारा में कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन अमल नहीं हो सका।

सलेमपुर, मझौलीराज व लार के लिए भी उठी मांग

विधायक काली प्रसाद ने सलेमपुर, मझौलीराज व लार के लिए भी पहल करने को कहा है। ताकि जल भराव से मुक्ति मिल सके। उन्‍होंने कहा कि इस क्षेत्र में भी तमाम स्‍थल ऐसे हैं जहां हर बरसात में पानी लग जाता है। इस पर डीएम ने लिडार तकनीक से सर्वे कराने की बात कही है।

ये फायदे होंगे

इस तकनीक से सर्वेक्षण कर डिजिटल थ्रीडी चित्रों के जरिये जमीन की बनावट, सतह की ऊंचाई, पेड़-पौधों के फैलाव और क्षेत्रफल का सही अनुमान लगाकर प्लानिंग की जा सकती है।

डीएम ने कहा - होगा सर्वेक्षण

जिलाधिकारी अमित किशोर ने इस संबंध में कहा है कि सीवरेज व ड्रेनेज सिस्टम योजना बेहतर हो इसके लिए नगर निकायों के अफसरों को कहा गया है। जल भराव का सर्वे लिडार तकनीक से कराया जाएगा।       

Posted By: Satish Shukla

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