गोरखपुर में मिली लाश का कर दिया था अंतिम संस्कार, गुजरात के नारी संरक्षण केंद्र में मिली लड़की
लालगोपालगंज की प्रीति, जिसे परिवार ने गोरखपुर में मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था, गुजरात के नारी संरक्षण केंद्र ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
लालगोपालगंज की प्रीति तीन साल पहले संदिग्ध रूप से लापता हुई।
परिवार ने गोरखपुर में मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार किया।
प्रीति गुजरात के नारी संरक्षण केंद्र में जीवित पाई गई।
संवाद सूत्र, लालगोपालगंज (प्रयागराज)। उमरावगंज निवासी 27 वर्षीय प्रीति तीन साल पहले संदिग्ध दशा में लापता हुई। गोरखपुर में एक युवती की लाश को पहचान कर घरवालों ने प्रीति का अंतिम संस्कार और तेरहवीं कर दी। मगर गम में डूबे परिवार के बीच अचानक खुशियां छा गईं। परिवार जिस प्रीती को मृत मान चुका था, वह गुजरात के नारी संरक्षण केंद्र में जिंदा मिली। गूगल सर्च से इसका पता चला तो वीडियो काल पर बातचीत कर सही शिनाख्त हुई।
बनवारी लाल की पुत्री प्रीति 13 मई 2023 को अचानक घर से गायब हो गई थी। स्वजन ने नवाबगंज थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन तीन साल तक कोई सुराग नहीं मिला। 30 सितंबर 2026 को गोरखपुर पुलिस के माध्यम से लालगोपालगंज पुलिस को एक लावारिस शव मिलने की सूचना मिली। मां कमला देवी, चचेरा भाई जितेंद्र और भाभी गोरखपुर पहुंचे। नाक पर तिल और जलने के निशान के आधार पर तीनों ने शव की शिनाख्त प्रीति के रूप में की।
हालांकि मां का डीएनए सैंपल भी लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी थी। पोस्टमार्टम के बाद स्वजन शव को लालगोपालगंज ले आए और चार अक्टूबर को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद आठ अक्टूबर को तेरहवीं का संस्कार भी पूरा कर लिया गया। 24 अक्टूबर को लालगोपालगंज पुलिस चौकी के दारोगा शुभम ने मां कमला देवी को फोन करके बताया कि उनकी बेटी प्रीति गुजरात के एक एनजीओ में सुरक्षित है।
बड़ौदा स्थित नारी संरक्षण केंद्र की काउंसलर तृप्ति पांडेय ने बताया कि युवती पांच अगस्त 2023 को रेलवे स्टेशन के बाहर लावारिस हालत में मिली थी। वह पिछले दो साल से उसे घर भेजने का प्रयास कर रहीं थीं, लेकिन युवती सिर्फ 'लालगंज' बोलती थी, जिससे सही पता नहीं मिल पा रहा था। तीन दिन पहले गूगल पर सर्च करते समय 'लालगोपालगंज' दिखा।
जब युवती से पूछा गया तो उसने उमरावगंज को अपना मोहल्ला बताया। जब लालगोपालगंज सर्च किया तो 15 वार्ड में उमरावगंज मिला। इसके बाद एसीपी सोरांव श्यामजीत प्रमिला सिंह के माध्यम से वीडियो कालिंग कराई गई, तब प्रीति ने अपने स्वजन और पड़ोसियों को पहचान लिया। वहीं घरवालों ने भी उसकी सही पहचान की। एसीपी ने बताया कि युवती को उसके घर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
