MLC चुनाव: गोरखपुर में 14 टेबलों पर मतपत्रों की गिनती, पहले छंटाई और 50-50 की गड्डियां बनाने में लगेगा समय
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय में मतगणना शुरू हो गई है।

HighLights
गोरखपुर शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना शुरू हुई।
परिणाम आने में देरी की संभावना, प्रक्रिया लंबी।
प्रत्याशियों ने मतगणना पर कड़ी निगरानी रखी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मंगलवार सुबह आठ बजे से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में मतगणना शुरू हो गई।
प्रेक्षक प्रकाश बिंदु, रिटर्निंग अधिकारी एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह और प्रत्याशियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम से मतपेटियां निकाली गईं। इसके बाद मतपेटियों से मतपत्र निकालकर उन्हें सीधा करने की प्रक्रिया शुरू हुई। मतपत्रों की छंटाई के बाद 50-50 की गड्डियां बनाई जाएंगी।
शुरुआती प्रक्रिया में समय लगने के कारण शाम तक भी यह स्पष्ट होना मुश्किल है कि किस प्रत्याशी का पलड़ा भारी है।
मतपत्रों को सीधा करने और उनकी गड्डियां बनाने के बाद मिलान किया जाएगा। इसके बाद वास्तविक मतगणना शुरू होगी। निर्वाचन क्षेत्र में 54,910 मतदाताओं में से 43,553 ने मतदान किया है। इन मतपत्रों की गिनती के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं। प्रत्येक टेबल पर 20 गड्डियां यानी एक हजार मतपत्र दिए जाएंगे।
इस तरह एक बार में 14 हजार मतपत्रों की गणना हो सकेगी। प्रथम वरीयता के मतों की गिनती तीन राउंड में पूरी करने की योजना है। हालांकि, पहली वरीयता में किसी प्रत्याशी को जीत के लिए निर्धारित मत नहीं मिले तो दूसरी वरीयता की गणना करनी पड़ेगी। ऐसी स्थिति में परिणाम आने में और देरी हो सकती है।
भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह व राजीव यादव अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। मतगणना को लेकर प्रत्याशियों के समर्थकों और शिक्षकों की निगाहें विश्वविद्यालय परिसर पर टिकी हैं।
पहली वरीयता में बहुमत नहीं मिला तो बढ़ेगा इंतजार
मतगणना में किसी प्रत्याशी को कुल वैध मतों के 50 प्रतिशत से एक अधिक मत मिलने पर विजेता घोषित किया जाएगा। यदि कोई प्रत्याशी यह आंकड़ा हासिल नहीं कर पाता है तो सबसे कम प्रथम वरीयता के मत पाने वाले प्रत्याशी को गणना से बाहर कर दिया जाएगा।
उसके मतपत्रों पर दर्ज द्वितीय वरीयता के मत संबंधित प्रत्याशियों के खाते में जोड़े जाएंगे। इसके बाद अगले सबसे कम मत पाने वाले प्रत्याशी के मतपत्रों की भी इसी तरह गणना होगी। यह प्रक्रिया निर्धारित मत हासिल होने तक चलेगी।
16 में से 15 प्रत्याशियों के द्वितीय वरीयता के मतों की गणना के बाद भी कोई प्रत्याशी निर्धारित मत हासिल नहीं कर पाता है तो निर्वाचन आयोग की अनुमति से अंतिम बचे प्रत्याशी को विजेता घोषित किया जा सकता है। ऐसे में मतगणना का समय बढ़ने की संभावना है।

मतगणना पर निगरानी के लिए प्रत्याशियों ने बढ़ाई सक्रियता
सपा प्रत्याशी डा. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना की पारदर्शिता को लेकर आशंका जताते हुए वीडियो जारी किए थे। दोनों ने समर्थकों और शिक्षकों से मतगणना के दिन गोरखपुर पहुंचने की अपील की थी। सपा की ओर से निर्वाचन क्षेत्र के सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के भी मतगणना स्थल पर पहुंचने की संभावना है।
इनमें सांसद धर्मेंद्र यादव, राजीव राय, रामप्रसाद चौधरी, अवधेश प्रसाद और लालजी वर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के भी आने की सूचना है। निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के बैनर तले प्रदेशभर के शिक्षकों से पहुंचने की अपील की है।
प्रत्येक प्रत्याशी को 32 मतगणना एजेंट रखने की अनुमति है। एक शिफ्ट में 16 एजेंट रहेंगे। इनमें 14 एजेंट मतगणना टेबलों पर और एक-एक रिटर्निंग अधिकारी व सहायक रिटर्निंग अधिकारी की टेबल पर तैनात रहेगा। एजेंट सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक केंद्र पर रह सकेंगे।
मतगणना तीसरी शिफ्ट तक पहुंचने पर पहली शिफ्ट के एजेंटों को दोबारा बैठने की अनुमति दी जाएगी। प्रत्याशियों को भी उपस्थित रहने के लिए बुलाया गया है। किसी प्रत्याशी के नहीं पहुंचने पर उसका इंतजार किए बिना निर्धारित समय पर प्रक्रिया शुरू करने की व्यवस्था है।
