गोरखपुर, जागरण संवाददाता। पेट्रोल व डीजल की कीमतों में राहत का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को 46वें दिन भी पेट्रोल-डीजल कीमत नहीं बढ़ी। पेट्रोलियम कंपनियों ने 22 मई को पेट्रोल व डीजल की कीमतों में बदलाव किया था। तब कीमतें काफी कम की गई थीं। इसके बाद अब तक कीमतें जस की तस हैं। गाेरखपुर में भारत पेट्रोलियम के पंपों पर डीजल 89.99 रुपये और पेट्रोल 96.82 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। हालांकि नागरिकों का कहना है कि पेट्रोल व डीजल को गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी के दायरे में ले आना चाहिए। इससे कीमतें कम होंगी और महंगाई से लोगों को बहुत राहत मिल जाएगी।

सीएनजी का मूल्य बढ़ा

डीजल व पेट्रोल की कीमतें स्थिर हैं लेकिन सीएनजी का मूल्य बढ़ गया है। गोरखपुर में अब सीएनजी 89 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अभी सीएनजी 87 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही थी। सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी से लोग परेशान हैं। इस साल अब तक सीएनजी की कीमतों में 22 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा का इजाफा हो चुका है। आलम यह है कि सीएनजी की कीमत डीजल की कीमत के बिल्कुल करीब पहुंच गई है। जिले में भारत पेट्रोलियम के पंपों पर डीजल 89.99 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

लगातार बढ़ रहा सीएनजी का मूल्‍य

मई के सीएनजी की कीमत में इजाफा हुआ था। उस समय पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी के बाद माना जा रहा था कि अब सीएनजी की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। सोमवार को लोग वाहनों में सीएनजी भराने पहुंचे तो पता चला कि दो रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हो चुका है। जानकारों का कहना है कि यूक्रेन पर रूस के हमले का समय जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है, उसी तरह सीएनजी की कीमतों में भी इजाफा होता जा रहा है।

ज्यादा माइलेज के कारण करते हैं उपयोग

गोलघर के राकेश सिंह कहते हैं कि सीएनजी कार इसलिए खरीदी थी कि कम रुपये खर्च कर ज्यादा माइलेज लेंगे। शुरू में बहुत फायदा भी हो रहा था लेकिन अब बहुत अंतर नहीं है। सीएनजी के नाम पर तकरीबन एक लाख रुपये ज्यादा रुपये खर्च कर कार खरीदी थी। अब इसी तरह रेट बढ़ते रहे तो पेट्रोल या डीजल कार ही ठीक रहेगी।

रुस्तमपुर के भजुराम पांडेय कहते हैं कि पेट्रोल व डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो पूरा शोर मच जाता है। हर कोई विरोध पर उतर जाता है लेकिन जब बात सीएनजी की आती है तो कोई ध्यान ही नहीं देता है। वर्तमान में गोरखपुर में ही हजारों सीएनजी वाहन हैं, कीमतें बढ़ रही हैं तो इसका विरोध होना चाहिए वरना सीएनजी वाहन लेने का कोई मतलब ही नहीं रह गया है।

Edited By: Pradeep Srivastava