यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गोरखपुर में आयोजित होगा पंडित राम प्रसाद बिस्मिल बलिदानी मेला, बिस्मिल के प्रपौत्र भी होंगे शामिल
Pandit Ram Prasad Bismil Balidani Mela गुरुकृपा संस्थान द्वारा गोरखपुर में आयोजित होने वाले बलिदानी मेले में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ...और पढ़ें

गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर में प्रतिवर्ष होने वाले पंडित राम प्रसाद बिस्मिल बलिदानी मेला में इस बार बिस्मिल, महान क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खान के प्रपौत्र विशेष मेहमान होंगे। विगत वर्ष आयोजन समिति के बुलावे पर राजेंद्र नाथ लाहिड़ी के भतीजी गीता लाहिड़ी गोरखपुर पहली बार आईं थीं। इस वर्ष होने वाले आयोजन में दर्जन भर से अधिक कार्यक्रम होंगे। आयोजन में पूरे पूर्वांचल से लोग शामिल होंगे।
बीस दिन तक चलेगा मेला
गुरुकृपा संस्थान द्वारा विगत 13 वर्ष से आयोजित हो रहे इस मेले एवं खेल महोत्सव आयोजन के संस्थापक संयोजक बृजेश राम त्रिपाठी ने बताया कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर बलिदानियों एवं क्रांतिकारियों को समर्पित 20 दिवसीय पंडित राम प्रसाद बिस्मिल बलिदानी मेला एवं खेल महोत्सव का आयोजन भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होगा। बलिदानी मेला पुर्णतया राष्ट्रभक्तों, क्रांतिवीरों और महापुरूषों के यश कीर्ति को आत्मसात करने के लिए समर्पित होगा।
पांच दिसंबर से शुरू होगा मेला
बलिदानी मेला का शुभारम्भ अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस पांच दिसंबर 2022 से प्रारंभ होकर रविवार 25 दिसंबर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय के जन्मदिन पर पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न होगा।
प्रेरणादायी होगें ये कार्यक्रम स्थल
गोरखपुर मंडलीय कारागार गोरखपुर जेल सहित शहीद अशफाक उल्ला ख़ां वन्य प्राणी उद्यान, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोविवि एनसीसी और एनएसएस, रेडियो सिटी एफएम, प्रेस क्लब, विभिन्न शैक्षणिक व तकनिकी संस्थानों स्कूल, कालेजों, सामाजिक व व्यापारिक संगठन के पदाधिकारियों की जनभागीदारी व गरिमामयी उपस्थिति होगी।
विभिन्न खेलों का होगा आयोजन
बिस्मिल के अन्त्येष्टि स्थल राप्ती नदी राजघाट के तट पर रेत से सैंड स्क्लपचर (रेत शिल्प आकृति), बनेगा। हाकी, कबड्डी, कुश्ती और वॉलीबॉल जैसे गांव की मिट्टी से जुड़ें भारतीय खेल होंगे। शौर्य एवं वीरता, साहित्य, कला, संस्कृति और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे।
यह कार्यक्रम भी होंगे
भारतीय सेना के शौर्य दिवस 16 दिसंबर को सायंकाल 4 बजे, तिरंगा व मशाल चेतना यात्रा हरिओम नगर तिराहे से बाल बिहार, चेतना तिराहा, कचहरी चौक, गोलघर काली मंदिर पटेल चौक तक, 17 व 18 दिसंबर को प्रातः10 बजे से बिस्मिल पार्क सिविल लाइंस में देशभक्ति गीतों पर आधारित गायन, नृत्य, रंगोली, देश के विभिन्न राज्यों के वेशभूषा पर आधारित दुल्हन सजाओं प्रतियोगिताएं, मेहंदी, पेंटिग एवं स्केचिंग सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे तथा काकोरी कांड के अमर क्रांतिवीर राजेंद्र नाथ लाहिड़ी के बलिदान दिवस 17 दिसंबर को सायं 6 बजे दीपांजलि कार्यक्रम बिस्मिल पार्क सिविल लाइंस गोलघर में होगा। इसके अलावा 19 दिसंबर को जेल पर प्रातः 6.30 बजे सामूहिक शंखनाद, बिस्मिल कक्ष में भारत माता की आरती, 9 बजे से 2 बजे तक पुष्पांजलि, श्रद्धांजलि, स्वरांजलि और प्रसाद वितरण होगा। 20 दिसंबर को राप्ती नदी के तट पर सैंड स्क्लैपचर रेत शिल्प से बिस्मिल की आकृति बनाई जाएगी। 25 दिसंबर को शहीद अशफाक उल्ला खान वन्य जीव प्राणी उद्यान में कार्यक्रम का समापन के साथ विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण समारोह होगा।
इन जिलों के लोग में होंगे मेले में शामिल
इसके अलावा कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गोंडा, बलिया, आजमगढ, मऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थ नगर, संतकबीर नगर में बिस्मिल बलिदानी मेला आयोजन समिति में विशिष्टजनों को जोड़ा जा रहा है जो 19 दिसंबर को गोरखपुर मंडलीय कारागार के कार्यक्रम में शामिल होंगे।