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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

युवाओं का अपराधी बना रहा आनलाइन गेम, पबजी के बाद युवाओं पर असर डाल रहा बीजीएमआई गेम

By Jagran NewsEdited By: Pradeep Srivastava
Published: Tue, 25 Oct 2022 08:30 AM (IST)

आनलाइन गेम युवाओं को अपराधी बना रहा है। आनलाइन गेम को कई दिनों तक खेलने के कारण उसकी वैल्यू बढ़ ...और पढ़ें

आनलाइन गेम युवाओं को अपराधी बना रहा है। - प्रतीकात्मक तस्वीर
आनलाइन गेम युवाओं को अपराधी बना रहा है। - प्रतीकात्मक तस्वीर

गोरखपुर, जितेन्द्र पाण्डेय। पबजी गेम की तरह धीरे-धीरे युवाओं पर बीजीएमआई बैटर ग्राउंड मोबाइल इंडिया गेम असर डालना शुरु कर दिया है। युवा इसे खेलने के आदी होते जा रहे हैं, कुछ युवा इसके चक्कर में अपराधी भी बन रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि यह खेल भी पबजी का ही प्रारुप है। कुछ घटनाओं के बाद से इस खेल पर भी रोक लग चुका है। प्ले स्टोर पर यह गेम डाउनलोड नहीं होगा।

दक्षिण कोरियाई गेमिंग कंपनी की बीजीएमआई गेम पर लग चुका है प्रतिबंध

साइबर थाना के दारोगा उपेन्द्र सिंह ने बताया की जुलाई 2021 में दक्षिण कोरियाई गेमिंग कंपनी ने बीजीएमआई को भारत में लांच किया। इसके बाद से ही यह आनलाइन गेम युवाओं का पसंद बन गया। इस खेल में भी पहला प्रवेश मुफ्त है। मगर खेल के दूसरे प्रवेश से खेलने वाले युवाओं को पैसा खर्च करना पड़ता है। इस गेम को खेलने वाले युवाओं को कोई फायदा नहीं मिलता है। बस उसे ऐसी बुरी लत लग जाती है कि जिसे वह छोड़ना नहीं चाहता। हालांकि इस खेल पर भी बैन लग चुका है। बावजूद युवा पुराने लिंक से इसे खेल रहे हैं।

सीधे बैंक अकाउंट से लिंक होता है यह गेम

साइबर सेल प्रभारी सुनील कुमार पटेल ने बताया कि आनलाइन गेम को कई दिनों तक खेलने के कारण उसकी वैल्यू बढ़ जाती है। साथ ही खेलने वाला हजारों रूपया भी खर्च कर देता है। इसी का फायदा उठाते हुए हैकर गेम को हैक कर उनसे फिरौती की मांग करने लगते हैं। उन्होंने बताया की इस खेल को प्लेस्टोर से डाउनलोड नहीं किया जा सकता है। यह गेम सीधे अकाउंट से ही लिंक कर खेला जाता है।

दिमाग पर हो जाता है हावी

साइबर एक्सपर्ट बताते हैं की आनलाइन बीजीएमआई खेल ऐसा है कि धीरे-धीरे वह खेलने वाले के दिमाग पर हावी हो जाता है। खेलने वाले युवा मोबाइल नंबर, आइडी, गुगल अकाउंट आदि की जानकारी भी दे देते हैं। इसके बाद युवक के घर के किसी भी व्यक्ति के साथ आनलाइन फ्राड होना शुरु हो जाता है। जांच में इस तरह के कई मामला सामने आए हैं।

हैकरों के निशाने पर है ऐसे युवा

आनलाइन गेम खेल रहे युवा हैकरों के निशाने पर है। हाल ही में रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के एक युवक की आनलाइन गेम की आईडी हैक कर ली गई थी। इसकी शिकायत उसने थाने में की। जांच में दो हैकरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसमें एक पश्चिम बंगाल का और दूसरा देवरिया जिले का रहने वाला है। दोनो हैकरों की उम्र 18 से 20 साल के बीच है। पकड़े गए दोनो हैकरों ने पूछताछ में बताया की युवाओं की आइडी और आनलाइन गेम हैक कर उनसे पैसा मांगते हैं। अगर वह नहीं देते हैं तो इंडोनेशिया में बैठे एक हैकर को अच्छे दाम पर बेच देते हैं।

बीजीएमआई गेम पर भी रोक लगी है। मगर पुराने लिंक पर अभी भी युवा इसे खेल रहे हैं। गेम को हैक करना, उसका खरीद-फरोक्त करना अपराध है। इससे युवाओं को बचना चाहिए। गेम और अकाउंट हैक करने वालों का नेटवर्क देश के साथ विदेशों में भी फैला हुआ है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर ध्यान देने की जरुरत है। उन्हें जानना चाहिए कि उनका बच्चा मोबाइल लिया है तो क्या कर रहा है। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी सिटी।