गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर में प्रस्तावित सैनिक स्कूल के निर्माण में आ रही बाधा अब दूर हो गई है। जल्द ही स्कूल का निर्माण शुरू हो सकेगा। जिस जमीन पर सैनिक स्कूल का निर्माण प्रस्तावित है, उसका भू उपयोग औद्योगिक एवं खुला क्षेत्र था। भू उपयोग के कारण स्कूल के लिए मानचित्र पास करना संभव नहीं था। शिक्षा निदेशक माध्यमिक सैनिक स्कूल की ओर से दिए गए आवेदन के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) बोर्ड ने बाई सर्कुलेशन भू उपयोग के परिवर्तन को मंजूरी दे दी है। भू उपयोग अब सांस्थानिक (इंस्टीट्यूशनल) हो गया है। अब यहां मानचित्र पास कराकर सैनिक स्कूल का निर्माण शुरू किया जा सकता है।

औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण नहीं पास हो पा रहा था मानचित्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में सैनिक स्कूल स्थापित करने की घोषणा की थी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से फर्टिलाइजर परिसर में 49 एकड़ जमीन दी गई। सैनिक स्कूल के लिए बजट भी पास हो गया। इसका शिलान्यास भी किया जा चुका है। मानचित्र के लिए आवेदन करने पर यह बात सामने आयी कि महायोजना 2021 में भू उपयोग बड़े एवं विस्तारित उद्योगों के लिए दर्ज है एवं कुछ हिस्सा खुला क्षेत्र एवं चकरोड है। फर्टिलाइजर परिसर में होने के कारण इसका भू उपयोग बड़े उद्योगों के लिए आरक्षित था। इस स्थिति में मानचित्र पास नहीं हो पाना संभव नहीं था।

जीडीए ने परिवर्तित क‍िया भू उपयोग

एक बड़ी परियोजना होने के कारण जीडीए बोर्ड ने चार अक्टूबर को बाई सर्कुलेशन यह भू उपयोग परिवर्तित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। छह अक्टूबर को इस बात की जानकारी प्रमुख सचिव आवास को भी भेज दी गई है। जीडीए की ओर से निर्माण शुरू कराने की अनुमति दे दी गई है।

फर्टिलाइजर परिसर में होने के कारण सैनिक स्कूल के लिए आवंटित भूखंड का भू उपयोग औद्योगिक था। जीडीए बोर्ड ने बाई सर्कुलेशन के जरिए चार अगस्त को भू उपयोग परिवर्तन को मंजूरी दे दी है। शासन को भी इस बात से अवगत करा दिया गया है। सैनिक स्कूल का निर्माण शुरू हो सकता है। - प्रेम रंजन सिंह, उपाध्यक्ष जीडीए।

Edited By: Pradeep Srivastava