गोरखपुर, सच्चिदानंद मिश्र। गांव के चौकीदार अब अपराध और अपराधियों पर नजर ही नहीं रखेंगे, बल्कि जन्म और मृत्यु का लेखा जोखा भी तैयार करेंगे। शासन से जारी पत्र पर महराजगंज के पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आदेश जारी किया है। कहा गया कि जिन चौकीदारों का कार्य संतोषजनक न हो उन पर कार्रवाई और जो अच्छा काम करते हैं उन्हें सम्मानित भी किया जाए।

गांव की सुरक्षा के साथ ही हिस्‍ट्रीशीटरों पर रखते हैं नजर

चौकीदार एक ग्राम सेवक होता है। जिसका मुख्य कर्तव्य अपने प्रभार के गांव को देखना एवं उसकी सुरक्षा करना होता है। चौकीदारों को गांव के हिस्ट्रीशीटरों पर नजर रखने और अपराधिक गतिविधियों की जानकारी लेने की भी जिम्मेदारी होती है। अपराधिक घटनाओं में देखा जाए तो चौकीदार की जिम्मेदारियों में गांव में कोई संदिग्ध मौत से लेकर हत्या, दुष्कर्म, डकैती, लूट, अग्निकांड, सेंध, गंभीर चोट, पुरस्कार घोषित अपराधियों को शरण देना, बच्चों का जन्म छिपाना आदि मामलों की जानकारी लेकर थाना पुलिस को सूचना देना होता है।

पुलिस के लिए आंख व कान का काम करते हैं चौकीदार

चौकीदार पुलिस की आंख व कान होते हैं,और दबिश के दौरान पुलिस को यह रास्ता भी दिखाते हैं, लेकिन बदले समय में चौकीदारों का महत्व कम होता जा रहा है। पब्लिक क्या पुलिस ही चौकीदारों का कोई ध्यान नहीं रखती है। ऐसे में चौकीदार हतोत्साहित होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चौकीदारों को उनके कर्तव्य और अधिकारों की याद दिलाते हुए पुलिस अधिकारियों को भी उनका अनुपालन करने का आदेश दिया गया है।

जन्‍म-मृत्‍यु दर्ज करने के लिए दी जाएगी पंजिका

पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अब चौकीदारों को एक अपराध पुस्तिका और उपस्थित पंजिका के साथ ही जन्म-मृत्यु की छपी हुई पंजिका दी जाएगी। वह इन तीनों पंजिकाओं को सुरक्षित रखेेंगे और गांव में किसी अपराधिक घटना के साथ ही अगर किसी गांव में जन्म होता है, या मृत्यु होती है तो उसे भी दर्ज करेंगे। हर माह कम से कम दो बार थानेदार द्वारा पंजिका का निरीक्षण भी किया जाएगा।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi