गोरखपुर, जेएनएन। पारदर्शिता के नाम पर यूपी बोर्ड की परीक्षा में किसी भी छात्र या छात्रा को अब जूता व मोजा उतारने को मजबूर नहीं किया जा सकेगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। शुचिता के लिहाज से केवल अच्‍छी तरह से जांच का ही अधिकार होगा।

माध्यमिक शिक्षा परिषद को इस बात की शिकायत मिली थी कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर छात्र-छात्राओं को जूता उतारकर परीक्षा देने को मजबूर किया जा रहा है। परिषद की सचिव ने जारी पत्र में उल्लेख किया है कि विधायक वीर विक्रम सिंह 'प्रिंस' ने 14 फरवरी को यह मामला उठाया था। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी केंद्र व्यवस्थापक को निर्देशित किया है कि किसी भी कीमत पर परीक्षार्थियों के जूते व मोजे उतरवाकर परीक्षा न ली जाए, बल्कि परीक्षा से पूर्व ही परीक्षा कक्षों में प्रवेश के समय जूते-मोजे की जांच जरूर कर ली जाए।

जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि जिले में भी कुछ परीक्षा केंद्रों से ऐसी शिकायत मिली थी। माध्यमिक शिक्षा परिषद से भी इस संबंध में निर्देश मिले हैं। किसी भी दशा में परीक्षार्थियों का जूता-मोजा उतरवाकर परीक्षा नहीं ली जा सकती।

Posted By: Pradeep Srivastava

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