गोरखपुर, जागरण संवाददाता। तिनकोनिया रेंज के बहरामपुर में संदिग्ध परिस्थिति में सात मोर समेत नौ पक्षियों की मौत हो गई है। पक्षियों की मौत कैसे हुई, यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। पक्षियों के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। वन विभाग प्रथम दृष्टया पक्षियों के मौत की वजह कीटनाशक खाना मान रहा है। उसका कहना है कि स्थिति स्पष्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी। पक्षियों के पोस्टमार्टम के लिए चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी के साथ दो पशु चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।

ग्रामीणों ने दी पुलिस को सूचना

बहरामपुर गांव के बाग में एक साथ सात माेरों को मृत देखकर लोग अचंभित रह गए। उनके बगल में दो तीतर भी मरे हुए थे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना खोराबार पुलिस को दी। पुलिस के जरिये इसकी सूचना वन विभाग को हुई। डीएफओ ने मौके पर टीम भेजकर मोर व तीतर के शव को कब्जे में ले लिया। वन कर्मियों ने घटनास्थल की छानबीन की, लेकिन यह ज्ञात नहीं हो सका कि मोरों की मौत कैसे हुई।

कीटनाशकों की वजह से मौत होने की आशंका

वन विभाग का मानना है कि मोर खेतों में दाना चुनने के लिए गए होंगे। वहां कीटनाशक आदि खाने से इनकी मौत हुई होगी। सवाल यह है कि यदि मोरों की मौत कीटनाशक खाने से हुई है तो बाग में उनके शव इकट्ठे कैसे पड़े थे। कहीं ऐसा तो नहीं किसी ने शिकार की नीयत से उन्हें मारा हो।

मोरों की मौत दुखद

डीएफओ विकास यादवव ने कहा कि मोरों की मौत दुखद है। आशंका है कि खेतों में कीटनाशक खाने से मोरों की मौत हुई होगी, लेकिन यह दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है। मोर सहित सभी मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम कराकर यह पता किया जा रहा है कि मौत कैसे हुई थी। मोरों को देखने से यह प्रतीत नहीं हो रहा है कि उन्हें शिकार की नीयत से मारा गया हो। लेकिन तिनकोनिया रेंजर से इसकी भी जांच कराई जा रही है।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi