गोरखपुर, जागरण संवाददाता। ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल गोरखपुर में 15 सितंबर से अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआइएस) अनिवार्य रूप से लागू हो जाएगी। मरीजों को यूनिक मेडिकल आइडेंटिटी कार्ड (उम्मीद) कार्ड से ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

अस्पताल में अनिवार्य रूप से लागू हो जाएगी अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली

नई व्यवस्था के तहत बीमार रेलकर्मियों या उनके स्वजन को अपने साथ सिर्फ उम्मीद कार्ड लेकर रेलवे अस्पताल पहुंचना होगा। उम्मीद कार्ड नहीं होने पर पीएफ नंबर, मोबाइल नंबर या आधार नंबर से भी आनलाइन पंजीकरण हो जाएगा। एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद रेलकर्मी की बीमारी से संबंधित पूरी केस स्टडी (विवरण) सिस्टम पर लोड हो जाएगा। उसके बाद सिस्टम पर उपचार, जांच व दवाइयां अपडेट होती रहेंगी।

रेलकर्मियों को अब उम्मीद कार्ड से ही मिलेगा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

ऐसे में रेलकर्मियों को अपने साथ उपचार पुस्तिका सहित जांच रिपोर्ट भी साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दवा की पर्ची लेकर काउंटर के सामने लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। सिस्टम में ही दवाइयां लोड रहेंगी। मरीज आवश्यकता पडऩे पर घर बैठे चिकित्सकों से परामर्श ले सकेंगे। आनलाइन नंबर भी लग जाएगा। मरीज किसी भी रेलवे अस्पताल में अपना इलाज करा सकेंगे।

एचएमआइएस लागू करने वाला पहला जोन बना एनईआर

पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर मुख्यालय सहित लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एचएमआइएस लागू करने वाला पहला जोन बन गया है। रेल कार्पोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड (रेल टेल) ने 26 स्वास्थ्य इकाइयों में यह सिस्टम लागू किया है, जिसमें 20 माड्यूल हैं।

पूर्वोत्तर रेलवे में एचएमआइएस लागू कर दिया गया है। इस नई एवं पारदर्शी व्यवस्था का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए उमीद कार्ड का होना आवश्यक है। यह सुविधा और प्रभावी बनाने के लिए सभी कर्मचारियों को उम्मीद कार्ड प्राप्त करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। - पंकज कुमार स‍िंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे।

Edited By: Pradeep Srivastava