बस्ती: चीनी मिल मुंडेरवा ने किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का अतिशीघ्र भुगतान पर जोर देते हुए तत्काल 5.77 करोड़ रुपये के भुगतान की एडवाइज जारी कर दिया है। शेष बकाया गन्ना मूल्य का भी जल्द भुगतान कर दिया जाएगा।

गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय कबरा के परिसर में आयोजित कृषक गोष्ठी को संबोधित करते हुए मिल के प्रधान प्रबंधक ब्रजेन्द्र द्विवेदी ने यह जानकारी दी। मुंडेरवा परिक्षेत्र में शरदकालीन गन्ने की वैज्ञानिक खेती के प्रति किसानों को जागरूक करने तथा गन्ना विकास के लिए शासन व चीनी मिल की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के लिए उतर प्रदेश गन्ना विकास संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच व चीनी मिल मुंडेरवा के संयुक्त तत्वावधान में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य चीनी मिल निगम लखनऊ के मुख्य गन्ना विकास सलाहकार संजय गुप्त ने सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शरदकालीन गन्ना की बोआई करने से 25 प्रतिशत उपज बढ जाती है। किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई करने व ट्राइकोडर्मा का अवश्य प्रयोग करने की सलाह दी। गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर के पूर्व कृषि वैज्ञानिक डा. मैनेजर सिंह ने गन्ने में लगने वाले कीट व उसके रोकथाम की जानकारी देते हुए किसानों को बताया कि चोटी बेधक कीट नियंत्रण के लिए कोराजेन का प्रयोग करें। गन्ना विकास संस्थान पिपराइच के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने किसानों की आय बढाने के लिए शरदकालीन गन्ने के साथ आलू, लहसुन, गोभी, टमाटर, गेहूं आदि की सहफसली खेती करने का सुझाव दिया।

गन्ना शोध संस्थान सेवरही के वरिष्ठ वैज्ञानिक ओपी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सबसे अधिक उपज व अधिक चीनी देनेवाली प्रजाति को 118, 98014, 13235, कोसा 8279 आदि की बोआई करें। जिला गन्ना अधिकारी मंजू ने किसानों से ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने की अपील करते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इसके पूर्व अंजुल मिश्र ने मुख्य अतिथि, प्रधान प्रबंधक, जिला गन्ना अधिकारी, वैज्ञानिक विधि से उन्नतशील प्रजाति के गन्ना की बोआई करने वाले कृषकों को माल्यार्पण व अंग वस्त्र से सम्मानित किया। गन्ना सलाहकार एसपी मिश्र ने गोष्ठी का संचालन किया। गोष्ठी को गन्ना विकास समिति मुंडेरवा के पूर्व चेयरमैन दीवानचंद चौधरी, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार ने भी संबोधित किया।

Edited By: Jagran