संतकबीर नगर: डीएम, सीडीओ, उपायुक्त मनरेगा की सख्ती के बाद भी चालू वित्तीय सत्र के 53414 और पिछले वित्तीय सत्र के 35832 मनरेगा के कार्य अधूरे हैं। अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए जनपद के सभी नौ ब्लाकों के बीडीओ को पत्र जारी कर निर्देश दिया गया है। बहरहाल ये कार्य कब पूर्ण होंगे, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।

मनरेगा से ग्राम पंचायतों में तय समय में सभी कार्य पूर्ण करने होते हैं। प्रधान, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक आदि की लापरवाही कभी-कभी बहुत भारी पड़ जाती है। इसकी वजह से मनरेगा के कार्य तय समय में पूर्ण नहीं हो पाते। वहीं, जाब कार्डधारक मजदूरों को भी नियमित रूप से काम नहीं मिल पाता है। इसके चलते मजदूर गांव से निकलकर शहर में काम की तलाश में जाते हैं। ऐसे मजदूरों की संख्या काफी अधिक है। चौंकाने वाली बात यह है कि बीच-बीच में शासन स्तर के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हैं। इसके बाद भी पिछले वित्तीय सत्र 2020-21 के 35832 और चालू वित्तीय सत्र 2021-22 के 53414 मनरेगा कार्य अधूरे हैं। यदि बीडीओ कार्यस्थल की स्वयं बीच-बीच में जांच करते तो शायद यह नौबत नहीं आती। किस ब्लाक में किस वित्तीय सत्र में कितने अधूरे हैं मनरेगा के कार्य

ब्लाक : 2020-21 के अधूरे कार्य: 2021-22 के अधूरे कार्य

बघौली: 3960: 5872

बेलहरकलां: 3972: 5790

हैंसर बाजार: 5824: 8165

खलीलाबाद: 2341: 4322

मेंहदावल: 2509: 4312

नाथनगर: 5501: 7913

पौली: 3397: 4592

सांथा: 3705: 6029

सेमरियावां: 4623: 6419

योग: 35832 : 53414 दोनों वित्तीय सत्र के अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए जनपद के सभी नौ ब्लाकों के बीडीओ को पत्र जारी कर निर्देश दिया गया है। इसमें अब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव,सीडीओ

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