MMMUT गोरखपुर में 650 से अधिक छात्रों ने साइबर सुरक्षा चुनौतियों का किया निपटारा
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) गोरखपुर में 650 से अधिक विद्यार्थियों ने 24 घंटे की साइबर सुरक्षा प्रतियोगिता में अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया।
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जागरण संवाददाता, गोरखपुर। साइबर सुरक्षा की दुनिया में सेंधमारी की तकनीकों को समझने और डिजिटल चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमयूटी) में 650 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी दक्षता दिखाई।
कंप्यूटर विज्ञान व अभियांत्रिकी विभाग की कंप्यूटर इंजीनियरिंग सोसाइटी की ओर से आयोजित 24 घंटे की साइबर सुरक्षा प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कूटलेखन, विपरीत अभियांत्रिकी और गुप्त संदेशों की पहचान जैसी तकनीकी चुनौतियों को हल किया। सोमवार को पुरस्कार वितरण के साथ प्रतियोगिता का समापन हुआ।
प्रतियोगिता में एमएमयूटी के 450 से अधिक और 20 से ज्यादा अन्य शिक्षण संस्थानों के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें आइटीएम गीडा, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल, गोवि, वीआइटी भोपाल, राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय गांधीनगर और रायपुर तथा केआइईटी के विद्यार्थी शामिल रहे। प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी समस्याएं देकर उनकी विश्लेषण क्षमता, तकनीकी समझ और समस्या समाधान के कौशल को परखा गया। प्रतियोगिता में रासायनिक अभियांत्रिकी के देवांश जायसवाल ने पहला स्थान प्राप्त किया।
यांत्रिक अभियांत्रिकी के सत्यम कश्यप दूसरे और रासायनिक अभियांत्रिकी के शिवम पांडेय तीसरे स्थान पर रहे। विजेताओं को माउस, कुंजीपटल, पदक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। चौथे से 25वें स्थान तक के प्रतिभागियों को भी उनकी उपलब्धि के अनुसार पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन विभागाध्यक्ष प्रो.राकेश कुमार ने किया। इस दौरान संकाय सलाहकार डा.बीरेंद्र शर्मा, डा. शैलेंद्र प्रताप सिंह व डा.सुशील कुमार सरोज आदि मौजूद रहे।
पत्रिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर साइबर सुरक्षा तक
कार्यक्रम में ‘एल्गोरिका’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। इसमें प्रतिस्पर्धी प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर विकास, रोजगार के अवसर, साइबर सुरक्षा, एज कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे तकनीकी विषयों को शामिल किया गया है।