गोरखपुर, जेएनएन। रेलवे बोर्ड के मिशन स्पीड अभियान का असर दिखने लगा है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की पहल पर बोर्ड ने 15015 गोरखपुर-यशवंतपुर (बेंगलुरु) एक्सप्रेस के समय में कटौती के लिए हरी झंडी दे दी है। अब यह ट्रेन गोरखपुर से अपने निर्धारित समय से रवाना होकर तीन घंटे पहले ही गंतव्य तक पहुंच जाएगी।

बोर्ड के दिशा-निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारी अन्य जोन के अधिकारियों के साथ बैठक कर ट्रेन की नई समय सारिणी तैयार करेंगे। जिसमें ट्रेन की गति बढ़ाने के साथ अनावश्यक ठहराव को भी कम किया जाएगा। नई समय सारिणी में यह ट्रेन यशवंतपुर के दस किमी पहले यलहंका स्टेशन तक ही चलेगी। हालांकि, यात्रियों को यह सौगात नए साल में ही मिलेगी। स्पीड और ठहराव निर्धारित करने में तीन से चार माह लग जाएंगे।

दरअसल, मिशन स्पीड के तहत रेलवे बोर्ड दिल्ली में भारतीय रेलवे में ट्रेनों की गति बढ़ाने और समय में कटौती के लिए पूर्वोत्तर रेलवे सहित नार्दर्न, डब्ल्यूसीआर, एनसीआर, सर्दर्न व सेंट्रल रेलवे कुल छह जोन के संबंधित अधिकारियों की बैठक हुई थी। इस दौरान गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस के समय में कटौती पर भी चर्चा हुई। विमर्श के बाद अधिकारियों ने प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड को भेज दिया था।

नागपुर के आगे सवारी गाड़ी बन जाती है एक्सप्रेस

गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस की रफ्तार नागपुर तक ठीक रहती है लेकिन चंदरपुर से आगे लगभग एक हजार किमी की दूरी तय करने में इस ट्रेन को 25 घंटे लग जाते हैं। यह एक्सप्रेस सवारी गाड़ी बन जाती है। गोरखपुर से यशवंतपुर पहुंचने में 51 घंटे लग जाते हैं।

सुबह 6.45 बजे ही पहुंच जाएगी यलहंका

15015 गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार को गोरखपुर से 6.35 बजे से रवाना होकर गोंडा, बादशाहनगर, ऐशबाग, उन्नाव, कानपुर सेंट्रल, भोपाल, इटारसी, नागपुर, सिकंराबाद के रास्ते तीसरे दिन सुबह 9.45 बजे यशवंतपुर पहुंचती है। अब इसके पहुंचने का समय तीन घंटे कम हो जाएगा। यानी, यह ट्रेन अब 6.45 बजे यलहंका स्टेशन पहुंचेगी।

Posted By: Pradeep Srivastava

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