गोरखपुर में कोचिंग गए छात्र की चिलुआताल में मिली लाश, परिवार वालों ने किया हंगामा
पांच दिन से लापता 17 वर्षीय किशोर प्रिंस निषाद का शव चिलुआताल नदी में मिला, जिसके बाद परिजनों ने हत्या ...और पढ़ें
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HighLights
पांच दिन से लापता 17 वर्षीय किशोर का शव मिला।
परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जमकर हंगामा किया।
पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, मामले की जांच जारी है।
संवाद सूत्र, चिलुआताल। पांच दिन से लापता 17 वर्षीय किशोर का शव सोमवार शाम शेषपुरवा गांव के पास चिलुआताल नदी में उतराता मिला। शव पुराना होने के कारण सड़-गल गया था। कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान मोहरीपुर निवासी प्रिंस निषाद के रूप में हुई। स्वजन ने किशोर की हत्या की आशंका जताते हुए पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा किया। मौके पर पहुंची चिलुआताल थाना पुलिस ने स्वजन को समझाते हुए कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
मूल रूप से मोहम्मदपुर टोला परसौना निवासी नंदकिशोर मोहरीपुर मुख्य चौराहे के पास किराये के मकान में सपरिवार रहते है। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनका बेटा प्रिंस 23 सितंबर की सुबह आठ बजे कैंट थाना के बेतियाहाता स्थित मोमेंटम इंस्टीट्यूट में कोचिंग के लिए निकला था। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर स्वजन ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ के साथ संभावित स्थानों पर भी खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
कोचिंग संस्थान से संपर्क किया तो बताया गया कि उस दिन प्रिंस की परीक्षा थी। वह न तो संस्थान पहुंचा और न ही परीक्षा में शामिल हुआ। चिलुआताल पुलिस ने तहरीर के आधार पर गुमशुदगी दर्ज कर मोबाइल फोन की काल डिटेल और लोकेशन खंगाली। जांच में मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन पीपीगंज क्षेत्र में मिली। इसके बाद फोन बंद हो गया। जिससे पुलिस को आगे की जानकारी नहीं मिल सकी।
पुलिस टीम आशंका में आसपास के मार्गों पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज से किशोर की तलाश कर रही थी। इसी बीच सोमवार शाम नदी में शव मिलने की सूचना पर पीआरवी और थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला, कपड़ों के आधार पर स्वजन ने शव की पहचान प्रिंस के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पीछे-पीछे स्वजन और ग्रामीण भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए और हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। मौके पर मोजूद थानाध्यक्ष सूरज सिंह ने स्वजन को समझा-बुझाकर शांत कराया। थानाध्यक्ष ने बताया कि रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। सीसी कैमरे की फुटेज, मोबाइल फोन की गतिविधियों और अन्य बिंदुओं की जांच चल रही है।
इंजीनियर बनना चाहता था प्रिंस
पिता नंदकिशोर मेडिकल स्टोर चलाते है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा प्रिंस हाईस्कूल टापर था, उसका सपना था कि वह एक आइआइटी इंजीनियर बने। अपने सपने को पूरा करने के लिए वह मोमेंटम में तैयारी करता था। पढ़ने में भी होनहार था। उन्हें भरोसा है कि उनका बेटा कोचिंग नहीं छोड़ सकता है। निश्चित रूप से उसकी हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस से जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
नंदकिशोर ने पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे का शव महेसरा पुल के नीचे अपराह्न तीन बजे ही मिल गया था। लेकिन, सूचना मिलने के बाद पुलिस तीन घण्टे बाद शाम छह बजे मौके पर पहुंची और शिनाख्त शुरू की और उन्हें सूचना दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि, अगर समय रहते पुलिस गंभीरता से उनके बेटे की तलाश की होती तो उसके बरामद होने की संभावना थी। लेकिन, पुलिस ने हिलाहवाली की।
