गोरखपुर, जागरण संवाददाता। 22 जनवरी को मौसम का पारा उपर चढ़ा। जिसका नतीजा यह रहा कि दिन मे 12 बजे तक धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। लेकिन दोपहर में बूंदाबादी होने के चलते गलन बढ़ गई। शम होते ही कोहरे के चलते राहगीरों को परेशान होना पड़ा। लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की जुगत में लगे रहे। हालांकि सरकारी स्‍तर पर कहीं भी अलाव की व्‍यवस्‍था नहीं है।

धूप निकलने से ठंड से मिली थी राहत

21 जनवरी को दिन में मौसम ठीक रहा और धूप भी निकली रही। लेकिन उसके अगले ही दिन मौसम एक बार फिर बदल गया। बूंदाबांदी के बीच सर्द हवा से ठंड और बढ़ गई। उधर शाम ढलते ही गलन तेज हो गई और कोहरा शुरू हो गया। शहर में तो कोहरे का बहुत असर शाम को नहीं दिखा, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों की रफ्तार थम गई। जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल का कहना है कि बूंदा-बांदी गेहूं की फसल के लिए ठीक है। इससे फसल को ग्रोथ मिलेगा। गलन से आलू की फसल प्रभावित हो सकती है।

एक सप्‍ताह का यह रहा औसत तापमान

तारीख-------न्यूनतम---------अधिकतम तापमान

16 जनवरी--6 डिग्री सेल्सियस--19 डिग्री सेल्सियस

17 जनवरी--6 डिग्री सेल्सियस---19 डिग्री सेल्सियस

18 जनवरी---7 डिग्री सेल्सियस---19 डिग्री सेल्सियस

19 जनवरी--- 5 डिग्री सेल्सियस---20 डिग्री सेल्सियस

20 जनवरी----7 डिग्री सेल्सियस---19 डिग्री सेल्सियस

21 जनवरी----8 डिग्री सेल्सियस---20 डिग्री सेल्सियस

22 जनवरी---- 10 डिग्री सेल्सियस----20 डिग्री सेल्सियस

गांवों में नहीं जल रहे अलाव, ठिठुर रहे लोग

इन दिनों ठंड का असर तेज हो गया है, लेकिन तरकुलवा इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में चौक-चौराहों पर अलाव का इंतजाम नहीं किया गया है। जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। लोग लकड़ी, टायर व गत्ता जलाकर ठंड दूर करने का प्रयास करते हुए नजर आ रहे हैं। इसके अलावा गरीबों के कंबल भी वितरण अभी नहीं किया गया है। जिसके चलते गरीब तबके के लोगों को दिक्कत हो रही है।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi