जागरण संवाददाता, महराजगंज: जिला अस्पताल मे खांसी का सीरप खत्म हो गया है। मरीजों को बाहर की दुकानो से खरीदारी करनी पड़ रही है। इस अव्यवस्था से मरीजों को मुफ्त इलाज की उम्मीद पर पानी फिर रहा है।

बदलते मौसम में करीब 60 फीसद मरीज खांसी-बुखार के आ रहे हैं, लेकिन खांसी का सीरप करीब डेढ़ महीने से समाप्त है। अस्पताल प्रशासन की इस उदासीनता का खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

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हृदय रोग के चिकित्सक की नहीं हुई तैनाती जिला अस्पताल में हृदय रोग के चिकित्सक की कुर्सी वर्षों से खाली चल रही है। चिकित्सक नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसी को दिल का दौरा पड़ जाए तो जिला अस्पताल में उसका इलाज हो पाना कठिन है। कोई भी नहीं है।

चिकित्सक को दिखाने के बाद खांसी की दवा लेने काउंटर पर पहुंचा तो कर्मचारी ने बताया कि करीब डेढ़ माह से सीरप नहीं है। मजबूर होकर बाहर से खरीदनी पड़ी।

-जनार्दन गुप्ता, पतरेंगवा

15 दिनों में दो बार बाहर से खांसी के लिए सीरप की खरीदारी करनी पड़ी है। जिला अस्पताल में निश्शुल्क इलाज का दावा झूठा साबित हो रहा है।

पारस चौरसिया, रुधौली भावचक

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जिला अस्पताल में कई दवाओं की किल्लत है। बाहर से दवा खरीदने की मजबूरी होती है। बाहरी दुकानों के कर्मचारी अस्पताल काउंटर के पास खड़े रहते हैं और वे अपनी दुकान से दवा दिलाने की बात कहते हैं। आशुतोष मिश्रा, मिठौरा ----

: जिला अस्पताल में काफी समय से खांसी की दवा नहीं है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। शीघ्र ही सीरप की उपलब्धता हो जाएगी।

डा. एके राय,

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

जिला अस्पताल

Edited By: Jagran