गोरखपुर, जागरण संवाददाता। जिला अस्पताल के पैरामेडिकल स्टाफ मनमानी पर उतर आए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती मरीजों की कोविड जांच के लिए बेड पर ही सैंपल लेने का आदेश दिया है, बावजूद इसके मरीजों को स्वास्थ्य कर्मी एक स्ट्रेचर देकर सड़क के उस पार फोरेंसिक लैब में कोविड जांच के लिए भेज रहे हैं। उन्हें उनके स्वजन को ही लेकर जाना पड़ रहा है। इसकी शिकायत होने पर अस्पताल प्रबंधन के कान खड़े हो गए हैं। लापरवाही बरतने वालों को चिह्नित किया जा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बुखार व सांस के मरीजों की अनिवार्य है कोविड जांच

जिला अस्पताल में भर्ती बुखार व सांस के गंभीर मरीजों की कोविड जांच अनिवार्य रूप से कराई जानी है। इसके अलावा जिन मरीजों का आपरेशन होना है, उनकी भी जांच अनिवार्य है। अस्पताल प्रबंधन ने ऐसे मरीजों की कोविड जांच के लिए बेड पर ही सैंपल लेने का आदेश जारी किया है। किसी कारणवश बेड पर सैंपल लेने में कोई दिक्कत आए तो स्वास्थ्य कर्मी स्वयं मरीज को लेकर फोरेंसिक लैब जाएंगे और जांच कराकर ले आएंगे। लेकिन न तो बेड पर सैंपल लिए जा रहे हैं और न ही स्वास्थ्य कर्मी उन्हें लेकर जांच कराने जा रहे हैं। स्ट्रेचर देकर स्वजन से जांच कराकर आने को कह रहे हैं। ऐसे में मरीजों के स्वजन परेशान हैं। जिला अस्पताल व फोरेंसिक लैब के बीच में सड़क है, जिस पर लगभग हमेशा जाम लगा रहता है। ऐसे में स्वजन, मरीज को लेकर जाम में जाने को मजबूर हैं।

बुजुर्ग को जांच के लिए भेजा फोरेंसिक लैब

उरुवा के बृजेश तिवारी की 86 वर्षीय माताजी को सांस फूलने की दिक्कत है। वह उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराए। उन्हें भी कमचारियों ने स्ट्रेचर देकर कहा कि जाकर फोरेंसिक लैब में कोविड जांच कराकर ले आइए। उन्होंने स्वयं अपनी माताजी को लैब में ले जाकर जांच तो कराई लेकिन इसकी शिकायत भी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक से की है। इसके अलावा अमहिया के दीनानाथ ने भी अपने पिता को स्वयं लेकर लैब में जांच कराई। उन्होंने कहा कि मरीज को खुद ले जाकर मैंने जांच कराई।

स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी बरत रहे लापरवाही

जिला अस्‍पताल के प्रमुख चिकित्‍सा अधीक्षक डा. एसी श्रीवास्‍तव ने बताय कि भर्ती मरीजों की कोविड जांच के लिए बेड पर ही सैंपल लेने का आदेश जारी किया गया है। शिकायत मिली है कि स्वास्थ्य कर्मी इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi