गोरखपुर, जेएनएन : देवरिया जिले में तीन ऐसी पुलिस चौकी हैं, जो सड़क पर चलती है। इन पुलिस चौकियों पर न तो चौकी प्रभारी और न पुलिसकर्मियों का ठिकाना है। पुलिस अधिकारी जल्द ही इन तीनों पुलिस चौकियों के लिए भवन की व्यवस्था करने का दावा कर रहे हैं। पर चौकी न होने के कारण लोगों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी काफी परेशानी हो रही है।

इनको कहते हैं मोबाइल पुलिस चौकी

शहर में गरुलपार चौकी, सिविल लाइन चौकी व भुजौली पुलिस चौकी है। चौकी प्रभारी के साथ ही चौकी के नाम से सिपाहियों की तैनाती है, लेकिन इन तीनों पुलिस चौकी के लिए न तो कोई भवन है और न ही कोई स्थायी ठिकाना। इनके चौकी प्रभारी व सिपाही केवल मोबाइल पर ही मिल सकते हैं, या फिर उनसे मिलने के लिए आपको कोतवाली तक दौड़ लगाना पड़ेगा। सर्वाधिक दिक्कत लोगों को तब होती है, जब कोई पासपोर्ट या अन्य कागजात की उन्हें जांच करानी होती है। लोग चौकी प्रभारी को ढूंढने के लिए घंटों परेशान रहते हैं। काफी इंतजार के बाद लौट जाते हैं।

27 में से 24 पुलिस चौकी है अस्थायी

पुलिस विभाग के कागजात में तो महिला पुलिस चौकी लेकर 27 पुलिस चौकी है और सभी पर चौकी इंचार्ज की तैनाती भी है, लेकिन इसमें से मात्र लार थाने की खरवनिया पुलिस चौकी, सलेमपुर में हाल ही में खुली महिला पुलिस चौकी व मझौलीराज पुलिस चौकी स्थायी है। जबकि अन्य पुलिस चौकी शासन के कागजात में स्थायी नहीं है। इन पुलिस चौकियों को स्थायी करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट भेजी है।

अन्य पुलिस चौकी को स्थायी करने के लिए एसपी ने भेजी है रिपोर्ट

एसपी डा.श्रीपति मिश्र ने बताया कि पुलिस चौकियों को स्थायी करने के लिए मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है। जल्द ही पुलिस चौकियों के स्थायी होने की संभावना है। कुछ पुलिस चौकी नए स्थापित करने के लिए प्रयास चल रहा है।

Edited By: Rahul Srivastava