गोरखपुर, जागरण संवाददाता। सहायक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी) के पेपर लीक कराने में गुलरिहा के सरहरी निवासी अनूप प्रसाद राय की भी अहम भूमिका रही है। दिल्ली में उन्हीं के प्र‍िंट‍िंग प्रेस में सहायक टीइटी के प्रश्न पत्र छपे थे और वहीं से लीक भी हुए थे। प्रश्न पत्र लीक होने में अनूप प्रसाद राय का नाम आने के बाद से लोग स्तब्ध हैं। ग्रामीण बता रहे हैं कि गुलरिहा इलाके की पहचान इनके परिवार से है। सरहरी स्टेट के नाम से प्रसिद्ध इस परिवार का कोई व्यक्ति इस तरह की हरकत करेगा, इसके विषय में किसी ने सोचा तक नहीं था।

बाबा अंग्रेजों के अमीन, पिता फर्टिलाइजर में थे मैनेजर, दिल्ली में अनूप के प्रेस से पेपर लीक होने का आरोप

अनूप प्रसाद राय के बाबा माहेश्वरी प्रसाद राय ब्रिटिश शासनकाल में अंग्रेजों के अमीन थे। वह सरहरी स्टेट की रियासत की देखभाल करते थे। पिता परमेश्वरी प्रसाद राय फर्टिलाइजर कारखाने में मैनेजर के पद पर थे। परमेश्वरी के एक बेटा अनूप प्रसाद राय व एक बेटी रश्मि वर्मा है। अनूप परिवार सहित दिल्ली में रहता है और वहां एक प्र‍िंंट‍िंंग प्रेस का संचालन करता है। सरहरी के ग्रामीणों के मुताबिक अनूप साल दो साल में कभी-कभार ही परिवार के साथ आता था। कुछ वर्ष पहले उनकी हवेली को कांप्लेक्स बनाने के लिए ठीकेदारों को दे दिया गया। इलाके में सरहरी स्टेट का नाम सम्मान के साथ लिया जाता था, लेकिन अनूप के कारनामे से इसमें दाग लग गया।

मेडिकल कालेज के पास खरीदी है बिल्‍ड‍िंग

ग्रामीणों के मुताबिक बीआरडी मेडिकल कालेज के पास में अनूप ने एक बिल्‍ड‍िंग भी खरीद रखी है। वह आता भी था तो वहीं रुकता था। सरहरी ग्रामसभा स्थित यह अपनी सारी भूमि बेच चुका है। मकान व थोड़ी जमीन है। सरहरी के पास मंगलपुर ग्राम सभा में उसके दो ईंट भट्ठे हैं। भट्ठे ट्रस्ट के नाम से हैं। भट्ठे पर मौजूद कर्मचारी ही सारा काम देखते हैं। कर्मचारियों को भट्ठा मुंशी के जरिये उनकी मजदूरी दी जाती है।

आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही एसटीएफ

टीइटी पेपर लीक होने को लेकर प्रदेश सरकार का रवैया बेहद सख्त है। इसी लिए घटना के तत्काल बाद इसकी जांच यूपी एसटीएफ को दे दी गई। एसटीएफ गोरखपुर व बस्ती मंडल में घटना के बाद से लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। अनूप प्रसाद राय ने एसटीएफ को जानकारी दी है कि प्रश्न पत्र छापने के लिए उन्हें 26 अक्टूबर को सचिव परीक्षा नियामक अधिकारी प्रयागराज की ओर से वर्कआर्डर दिया गया था।

Edited By: Pradeep Srivastava