गोरखपुर, जेएनएन : सोमवार 16 दिसंबर से कुल 29 दिन तक न तो शहनाइयों की आवाज सुनने को मिलेगी और न ही ढ़ोल- नगाड़ों की तान ही फिजाओं में गूंजेगी। पौष महीने में लगने वाले खरमास के चलते ¨हदू धर्म में इतने दिनों तक सभी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। सोमवार रात्रि 12:10 बजे से खरमास का प्रभाव प्रारंभ हो रहा है। यह प्रभाव 14 जनवरी शाम पांच बजे तक रहेगा जबतक सूर्य मकर राशि में प्रवेश नहीं करता। लक्ष्मीनारायण मंदिर डुमरियागंज के पुजारी पंडित श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि इस माह मांगलिक कार्यों का निषेध इस लिए होता है क्योंकि सूर्य दक्षिणायन में होते हैं और उनकी प्रबलता काफी कम हो जाती है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शुभ कार्यों के लिए सूर्य का प्रबल होना जरूरी है। ऐसे में विवाह, विदाई, मुंडन, उपनयन, वर देखाई, गृह प्रवेश तथा मकान की नींव रखने जैसे कार्य नहीं होंगे। कहा कि इस माह का धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है। तीर्थ यात्रा पर जाने, कथा, भागवत, यज्ञ, हवन जैसे कार्य इस दौरान विशेष रूप से संपादित किए जा सकते हैं। परंपरा के अनुसार खरमास को लेकर ¨हदू समाज के लोग विशेष रूप से सतर्क रहते हैं। बिना आचार्यो से परामर्श लिए कोई काम नहीं होता है। जो होता है, वह भी बहुत सोच समझकर। ..... वर्ष 2020 में 74 मुहूर्त आने वाले वर्ष में कुल 74 लग्न मुहूर्त हैं। 16 जनवरी से 13 मार्च तक लगातार विवाह के योग हैं। फरवरी व मई में सर्वाधिक 16-16 मुहूर्त तो सबसे कम अप्रैल व नवंबर में क्रमश: 4 और तीन दिन ही विवाह के लिए योग हैं।

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