गोरखपुर जेल में ब्रिटिश नागरिक जार्डन ब्राउन की विशेष निगरानी, आक्रामक व्यवहार से स्टाफ परेशान
गोरखपुर जेल में ब्रिटिश नागरिक जार्डन ब्राउन की विशेष निगरानी की जा रही है, क्योंकि बातचीत के दौरान उसके आक्रामक ...और पढ़ें

ब्रिटिश नागरिक जार्डन ब्राउन। जागरण
HighLights
ब्रिटिश नागरिक जार्डन ब्राउन की गोरखपुर जेल में विशेष निगरानी।
आक्रामक व्यवहार के कारण नंबरदार और बंदी रक्षक सतर्क।
भाषा की दिक्कत निगरानी में बड़ी चुनौती बनी हुई है।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ब्रिटिश नागरिक जार्डन ब्राउन की जिला जेल में विशेष निगरानी की जा रही है। जेल सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान नंबरदार के साथ कथित तौर पर आक्रामक व्यवहार करने के बाद बंदी रक्षक और नंबरदार उसके पास अकेले जाने से बच रहे हैं। भाषा की दिक्कत भी निगरानी में चुनौती बनी हुई है।
जार्डन ब्राउन हिंदी और भोजपुरी नहीं समझता, जबकि जेल के नंबरदार इन्हीं भाषाओं में बातचीत करते हैं। जार्डन ब्राउन को 11 जुलाई को सोनौली सीमा पर नेपाल जाते समय पकड़ा गया था। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने उससे पूछताछ की थी।
इसके बाद प्रशासनिक आधार पर उसे 29 जुलाई को गोरखपुर जेल स्थानांतरित किया गया। जेल पहुंचने के बाद से ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान वह नंबरदार पर आक्रामक हो गया था।
इसके बाद जेल प्रशासन ने उसकी निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। उसके पास जाने वाले कर्मचारियों को भी अकेले न जाने की हिदायत दिए जाने की जानकारी है।
गला दबाने की कोशिश की
ब्रिटेन निवासी जार्डन जोसेफ पीटर फिट्जपैट्रिक उर्फ जार्डन ब्राउन ने गोरखपुर जिला कारागार में एक बंदीरक्षक का गला दबाकर मारने की कोशिश की। इस घटना से जेल में अफरा- तफरी मच गई।
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