गोरखपुर, जेएनएन। दीपावली और छठ पर्व का असर रेलवे में भी दिखने लगा है। दिल्ली, पंजाब, मुंबई और कोलकाता रूट से गोरखपुर आने वाली रुटीन ट्रेनों में जगह नहीं है। कंफर्म की कौन कहे, वेटिंग टिकट भी नहीं मिल पा रहा। लेकिन इसे उदासीनता कहें या जानकारी का अभाव, आनंद विहार (दिल्ली) से आने वाली हमसफर और अन्य स्टेशनों से गोरखपुर के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेनों में बर्थ खाली चल रही है।

खाली गई 600 बर्थ

वातानुकूलित हमसफर को ही लें, सोमवार को 12595 हमसफर एक्सप्रेस में 600 के आसपास बर्थ खाली गई। गोरखपुर से आनंद विहार जाने वाली ट्रेनें दीपावली तक खाली ही हैं। दीपावली बाद 29 से 31 अक्टूबर तक फुल हैं। वहीं आनंद विहार से गोरखपुर आने वाली हमसफर भी 25 अक्टूबर तक पूरी तरह खाली है। रोजाना औसत 600 के आसपास बर्थ खाली चल रही हैं। दरअसल, हमसफर 20 अक्टूबर तक निरस्त थी। ऐसे में लोग इस ट्रेन को निरस्त मानकर टिकट नहीं ले रहे थे।

फुल हैं ये ट्रेनें

स्पेशल ट्रेनों की स्थिति भी हमसफर जैसी ही है। बुकिंग शुरू होने के बाद भी बर्थ खाली हैं। जबकि, गोरखधाम, वैशाली, बिहार संपर्क क्रांति और सप्तक्रांति एक्सप्रेस पहले से ही फुल हो चुकी हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह का कहना है कि त्योहारों में यात्रियों की सुविधा के लिए ही हमसफर का संचलन शुरू कर दिया गया है। स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। यात्री इनका लाभ उठा सकते हैं।

परेशानी : स्टेशन के बाहर तीन दिन से ठप है जनरल टिकटों की बुकिंग

उधर, गोरखपुर रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवक (जेटीबीएस) पर शनिवार से जनरल टिकटों की बुकिंग नहीं हो रही है। स्टेशन के सामने नाला निर्माण के लिए मिट्टी की खोदाई के दौरान बीएसएनएल का केबिल कट जाने से परेशानी बढ़ी है। स्टेशन के बाहर 16 जेटीबीएस और दो वाइटीबीएस के काउंटर बंद पड़े हैं। दीपावली पर्व के समय यात्री ही नहीं जेटीबीएस संचालक और रेलवे की परेशानी भी बढ़ गई है।

 जेटीबीएस बंद होने से लोगों को मजबूरी में टिकट घर स्थित काउंटरों पर लाइन लगानी पड़ रही है। रोजाना औसत चार हजार यात्री स्टेशन के बाहर जेटीबीएस से टिकट बुक करते हैं, लेकिन जेटीबीएस बंद होने से यात्रियों की भीड़ काउंटरों पर पहुंच रही है। ट्रेन छूटने के डर से कुछ यात्री बिना टिकट ही यात्रा पर निकल जा रहे हैं। दरअसल, जेटीबीएस पर दो रुपये अतिरिक्त देने पर यात्रियों को जनरल और प्लेटफार्म टिकट मिल जाते हैं। स्टेशन के बाहर टिकट लेते हैं और सीधे ट्रेन तक पहुंच जाते हैं। हालांकि, स्टेशन प्रबंधन ने बीएसएनएल के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर यथाशीघ्र केबिल दुरुस्त कराने का आग्रह किया है, लेकिन सोमवार की देर रात तक केबिल दुरुस्त नहीं हो सकी थी।

Posted By: Pradeep Srivastava

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप