गोरखपुर, जेएनएन। मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झरना टोला, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहद्दीपुर, बिछिया एवं शाहपुर का निरीक्षण कर रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) के कार्यों को देखा। उन्होंने कहा कि आरआरटी में आयुर्वेद एवं होम्योपैथ विभाग का भी सहयोग लिया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरआरटी को समय से दवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों तक दवा समय से पहुंच सके।

अनिवार्य रूप से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के घर जाने के निर्देश

मंडलायुक्त ने आरआरटी के डाक्टरों एवं अन्य सदस्यों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि टीम अनिवार्य रूप से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के घर जाए। टीम के जाने से मरीजों को मानसिक बल मिलता है और नियमित रूप से वे डाक्टर की निगरानी में रहते हैं। मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत ङ्क्षसह एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुधाकर पांडेय को निर्देश देते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि आरआरटी को वाहन व दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

आयुर्वेद एवं होम्‍योपैथ दवाएं उपलब्‍ध कराई जाएं

निरीक्षण के बाद इंटीग्रेटेड कोविड कमांड कंट्रोल (आइसीसीसी) में जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन, सीडीओ, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आशीष कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि आरआरटी में आयुर्वेद एवं होम्योपैथ विभाग का पूरा सहयोग लिया जाए। जिला आयुर्वेद अधिकारी एवं जिला होम्योपैथ अधिकारी अपने विभाग के मानव संसाधन एवं दवाओं को भी मुख्य चिकित्साधिकारी को उपलब्ध कराएं।

सर्विलांस टीमें और मजबूत हों

उन्होंने कहा कि सर्विलांस टीमों को और मजबूत किया जाए। आरआरटी का भ्रमण कहीं भी बाकी न रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे सर्वे कार्य को प्रभावी ढंग से किया जाए। लक्षण वाले मरीजों की पहचान करके उनकी जांच कराई जाए और उसके बाद इलाज सुनिश्चित किया जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि 18 साल के ऊपर के लोगों के टीकाकरण पर ध्यान दिया जाए। जिनको टीके का दूसरा डोज लगना है, उन्हें भी जल्द लगाया जाए।