गोरखपुर (जेएनएन)। एक तरफ जहां मैत्री बस सेवा के जरिए भारत नेपाल के पुराने रिश्तों को नया आयाम दिया जा रहा था वहीं दूसरी ओर काठमांडू में खड़ी भारत की टूरिस्ट बस में उपद्रवियों ने आग लगा दी। मौके के हालात इतने कराब थे कि बस की सुरक्षा में लगे लोगों को भी जान बचाने के लाले पड़ गए। यह तो अच्छा रहा कि घटना के समय महाराष्ट्र के लातूर जिले के सभी तीर्थयात्री अतिथिगृह में विश्राम कर रहे थे। बस में आग लगाए जाने से घबराए यात्री दूसरी बस से शनिवार को महराजगंज जिले के नौतनवा स्थित बनइलिया माता मंदिर पहुंचे। यात्रियों को भारतीय पुलिस ने जरूरी सामान व भोजन मुहैया कराया। 

भारत के अनेक मंदिरों के दर्शन

महाराष्ट्र के लातूर जिले के ग्राम रामे निवासी महादुनिर्वती कांठे, सुमन बाई, ज्ञानबा गायकवाड़, बबलूता, राम इंगडे, दगडू दत्तू भादंरगे, कांता बाई, दगडू भांदरग, सुभद्रा,  हरिराम नागरांडे, सत्य भामा, महादुकाण्डे, रामनाम, देव मोहिते, केवल बाई, दादाराव आदि यात्रियों ने बताया कि 30 अप्रैल को बस  से 54 यात्री नेपाल राष्ट्र में स्थित विभिन्न तीर्थों की यात्रा पर निकले थे। भारत के अनेक मंदिरों के दर्शन करते हुए शुक्रवार को नेपाल में काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के लिए जाते समय बर्दघाट में बुधवार की रात 10 बजे टूरिस्ट बस खराब हो गई। बस के मैनेजर राम नामदेव मोहित ने सभी यात्रियों  को समीप स्थित एक अतिथि भवन में ठहरा दिया, जबकि चार लोग बस की देख भाल के लिए रुक गए। गुरुवार की सुबह बस का दूसरा मैनेजर महादेव मोहित सामान लेने नौतनवा आया। वापस बर्दघाट पहुंचने में रात हो गई। बस में सो रहे रामदास एवं विशाल ने बताया कि शुक्रवार को तड़के करीब चार बजे बस पर उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया और करीब 15 मिनट बाद बस में आग लगा दी। बस की रखवाली में लगे लोग किसी तरह खुद को बचाते हुए गेस्ट हाउस पहुंचे और यात्रियों को सूचना दी। घबराए यात्री मौके पर पहुंचे तो देखा कि बस धू-धू कर जल रही थी।

नेपाल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी 

सूचना पाकर मौके पर पहुंची नेपाल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी रही पर भारतीय यात्रियों की मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाए। नेपाल पुलिस से सहायता न मिलने पर महाराष्ट्र के सभी तीर्थयात्री दूसरी बस से डरे-सहमे भारत के नौतनवा में स्थित बनैलिया मंदिर चौराहे पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने घटना की जानकारी अपने परिजनों व नौतनवा थानाध्यक्ष  को दी।  सूचना पाकर एसडीएम प्रेम प्रकाश अंजोर, पुलिस क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार यादव, थानाध्यक्ष अनिल कुमार तीर्थयात्रियों के पास पहुंच गए और सभी यात्रियों के खाने-पीने और रहने का प्रबंध कराया। उपजिलाधिकारी प्रेम प्रकाश अंजोर ने बताया कि यात्रियों को एक धर्मशाला में ठहराया गया है। नेपाल प्रशासन एवं उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। शीघ्र ही बस से सभी यात्रियों को महाराष्ट्र भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करा दी जाएगी।

Posted By: Nawal Mishra

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