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स्टेशन व ट्रेन में फेरी लगाने, भीख मांगने पर लगेगा दो हजार जुर्माना

Published: Sun, 21 Jun 2026 11:16 AM (IST)

भारतीय रेलवे ने 23 साल बाद जुर्माना व्यवस्था में बदलाव करते हुए नई पेनाल्टी प्रणाली लागू की है, जिसमें बिना ...और पढ़ें

23 साल बाद जुर्माने की संशोधित व्यवस्था लागू। जागरण

23 साल बाद जुर्माने की संशोधित व्यवस्था लागू। जागरण

HighLights

  1. 23 साल बाद रेलवे ने नई पेनाल्टी प्रणाली लागू की।

  2. बिना टिकट यात्रा पर अब न्यूनतम 500 रुपये दंड लगेगा।

  3. आरपीएफ को मौके पर दंड वसूलने का अधिकार मिला।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। भारतीय रेलवे ने 23 वर्ष बाद जुर्माना व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नई पेनाल्टी (दंड) प्रणाली लागू कर दी है। जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की कई धाराओं में संशोधन किया गया है। इसके तहत अब कई मामलों में फाइन (जुर्माना) के स्थान पर पेनाल्टी (दंड) की व्यवस्था लागू होगी और नियमों के उल्लंघन पर पहले की तुलना में अधिक राशि वसूली जाएगी।

नए नियमों के अनुसार बिना टिकट या अनुचित टिकट पर यात्रा करते पकड़े जाने वाले यात्रियों को अब पूरे किराये के साथ न्यूनतम 500 रुपये अतिरिक्त दंड देना होगा। पहले यह राशि न्यूनतम 250 रुपये थी। किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बुक टिकट से यात्रा करने पर टिकट जब्त कर पूरा किराया और 500 रुपये का अतिरिक्त दंड वसूला जाएगा।

रेलवे प्रशासन के अनुसार यदि कोई यात्री निर्धारित दंड का भुगतान नहीं करता है तो उसे रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। अदालत दंड के साथ कारावास की सजा भी सुना सकती है।

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर संशोधित नियमों की जानकारी अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के अनुसार जन विश्वास अधिनियम का उद्देश्य छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है, ताकि लोगों का जीवन आसान हो और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके।

संशोधित व्यवस्था के तहत अधिकृत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अधिकारियों को मौके पर ही दंड लगाने और वसूलने का अधिकार दिया गया है। इससे छोटे उल्लंघनों पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी और न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक बोझ भी कम होगा।

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रेलवे प्रशासन ने नई मनी रसीद और कैश रेमिटेंस मेमो की छपाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तब तक मौजूदा ईएफटी (एक्सेस फेयर टिकट) मनी रसीद बुक और कैश रेमिटेंस मेमो का उपयोग संशोधित प्रावधानों के तहत दंड वसूली और जमा करने के लिए किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि रेलवे ने इससे पहले वर्ष 2004 में बिना टिकट यात्रा पर जुर्माने की राशि 50 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये की थी। एक जुलाई 2004 को यह व्यवस्था लागू हुई थी। अब 23 वर्ष बाद इसमें फिर संशोधन करते हुए न्यूनतम दंड राशि को दोगुना कर 500 रुपये कर दिया गया है। 

रेलवे का नया पेनाल्टी (रुपये में)

  • बिना टिकट या अनुचित टिकट पर यात्रा करने पर न्यूनतम 500
  • ट्रांसफर टिकट पर यात्रा करने पर टिकट जब्त कर न्यूनतम 500
  • स्टेशन व ट्रेन में फेरी लगाने व भीख मांगने पर न्यूनतम 2000
  • नश,, उपद्रव, थूकना, अभद्र भाषा का प्रयोग पर न्यूनतम 5000
  • रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश पर 500 व धूमपान करने पर 500
  • महिला कोच या आरक्षित सीट में अनधिकृत यात्री पाए जाने पर 2500
  • आपत्तिजनक और खतरनाक वस्तुओं के साथ पकड़े जाने पर 10000
  • पहले लगे दंड के उल्लंघन करने पर 2000 या पुनरावृत्ति करने पर 5000

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