सिद्धार्थनगर : तहसील क्षेत्र में राप्ती का तांडव चरम पर है। करीब 70 गांव को बाढ़ के पानी ने अपने आगोश में ले रखा है। हालत इतने भयावह हैं कि लोग खाने-पीने को मोहताज हैं। जिदगी बद से बदतर हो चली है, बीमारियां भी फैली हैं। फसलें भी करीब एक पखवारे से पानी में डूबने से गल गई हैं। ऐसे में लेखपालों की मनमौजी रिपोर्ट पर तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित सूची जारी की, जिसपर सवाल उठने लगे हैं। आनन-फानन बनी सूची में मैरुंड की सूची में 26 गांव तो 24 गांव को प्रभावित की सूची में शामिल किया गया है। जबकि तहसील प्रशासन की प्रभावित सूची में अधिकांश गांव मैरुंड के मानक को पूरा करते हैं। जिससे बाढ़ से प्रभावित गांव के लोगों में रोष व्याप्त है। विपक्ष ने भी इसकी खिलाफत शुरू कर दी है। सपा नेता चिंकू यादव ने कहा तहसील प्रशासन ने मनमाने तरीके से मुख्यमंत्री के आगमन के पूर्व जो सूची जारी की है, वह बाढ़ पीड़ितों के साथ भेदभाव वाली है। सूची में सुधार की जरूरत बताते हुए कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष डा.वासिफ ने कहा कि यह तो प्रभावित सूची में शामिल गांव के साथ मजाक है।

मैरुंड गांव

बनगाई नानकार, सुकरौली, सीरमझारी, वीरपुर रतनपुर, गुलहरिया, कोहलडीह, मझारी मय कोहल, बढ़या, पेड़रियाजीत, बिलरिया, बुढि़या टायर, पिकौरा, धोबहा एह., डुमरिया, धनोहरा, पेड़ारी मुस्तहकम, पेड़ारी एहतमाली, मछिया मुस्तहकम, सोनखर बरईडीह, कोहलचक, रमवापुर उर्फ नेबुआ, मुस्तहकम, रमवापुर एहतमाली, वीरपुर मुस्तहकम, वीरपुर एहतमाली घोसियारी मैरुंड घोषित हुए हैं

यह भी गांव मैरुंड , प्रभावित सूची में शामिल

महोखवा, रसूलपुर, परानपुर, बिलवट, बघाड़ी, पेंदा, रमवापुर, तेन्दुहार उर्फ कठौतिया, शाहपुर एहतेमाली, शाहपुर मुस्तहकम, बढ़या मुस्तहकम, चौरा, बनगवा, भड़रिया टोला भैंसहिया, फत्त्ेपुर, गजनीजोत, तेतरी, अंदुआ शनिचरा, भरवठिया एहतमाली, भरवठिया मुस्तहकम, खम्हरिया, चकमझारी गांव प्रभावित की सूची में हैं। जबकि यह सभी गांव मैरुंड हैं।

उप जिलाधिकारी डुमरियागंज त्रिभुवन ने कहा कि संबंधित क्षेत्र के लेखपालों की रिपोर्ट पर सूची जारी की गई है, यदि मैंरुंड गांवों को सिर्फ प्रभावित दिखाया गया है तो यह गलत है। मैं खुद मौके का निरीक्षण कर जांच करुंगा। गलत रिपोर्ट देने वाले लेखपाल पर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Jagran